Sultanaganj – नगर परिषद EO हत्याकांड की जांच में तेजी, सामने आए नए तथ्य
Sultanaganj – बिहार के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की उनके ही चैंबर में गोली मारकर की गई हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। मंगलवार को हुई इस वारदात के बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी है और शुरुआती कार्रवाई में कई अहम नाम सामने आए हैं। इस घटना को लेकर सुल्तानगंज थाना पुलिस के बयान पर केस दर्ज किया गया है, जिसमें रामधनी यादव, उसके चालक दीपक और साले पिकू को नामजद किया गया था। पुलिस के अनुसार घटना के बाद हालात तेजी से बदले और 12 घंटे के भीतर ही मुठभेड़ में एक आरोपी रामधनी यादव की मौत हो गई, जबकि अन्य दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस पूरी घटना ने नगर परिषद परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नामजद आरोपियों पर कार्रवाई और जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में नामजद आरोपियों के अलावा भी कुछ अन्य लोगों की भूमिका की आशंका जताई जा रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस हमले की योजना पहले से तैयार थी और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है। गिरफ्तार किए गए दीपक और पिकू से पूछताछ जारी है, जबकि मृतक रामधनी के नेटवर्क और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
मुठभेड़ में रामधनी की मौत और पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस और रामधनी गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी। इसी दौरान डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार, सुल्तानगंज इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार और डीआईयू प्रभारी परमेश्वर साह भी घायल हो गए थे। सभी घायलों को तुरंत भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज आईसीयू में चला। बाद में गुरुवार को तीनों पुलिस अधिकारियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ के बाद इलाके में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू की हालत गंभीर
इस हमले में नगर परिषद के मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनके सिर में लगी गोली अभी भी अंदर फंसी हुई है, जिससे स्थिति नाजुक बनी हुई है। गुरुवार को उन्हें चार यूनिट रक्त चढ़ाया गया, जिसके बाद कुछ सुधार के संकेत मिले हैं। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अगले कुछ दिनों में आगे की सर्जरी या उपचार की योजना बनाई जाएगी।
कनबुच्चा की भूमिका पर पुलिस की नजर
स्थानीय स्तर पर कुख्यात अपराधी कनबुच्चा की भूमिका को लेकर भी जांच तेज हो गई है। पुलिस को जानकारी मिली है कि हाल की घटनाओं में उसका किसी पक्ष से संपर्क रहा हो सकता है। हालांकि उसकी गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई इस घटना की एक बड़ी वजह हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों की हालत और आगे की जांच
मुठभेड़ में घायल हुए पुलिस अधिकारियों का इलाज अब स्थिर स्थिति में है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वहीं, जांच टीम अब इस पूरे नेटवर्क को समझने और इसके पीछे की साजिश का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि नगर परिषद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।