TransferOrder – फर्जी तबादला पत्र वायरल मामले में पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
TransferOrder – बिहार में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कथित फर्जी तबादला आदेश को लेकर सामने आए मामले में पुलिस ने अहम कार्रवाई की है। जांच के दौरान भोजपुर जिले के पीरो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय में तैनात एक रीडर को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पीरो के एसडीपीओ कृष्ण कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब साइबर थाने की निगरानी में चल रही है।

इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा उस समय हुआ जब गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार सिंह ने एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में इसकी जानकारी साझा की। इसके बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।
फर्जी ट्रांसफर लेटर से मचा था हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले से जुड़ा एक पत्र सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर तेजी से वायरल हुआ था। पत्र देखने में आधिकारिक दस्तावेज जैसा लग रहा था, जिससे विभाग में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। बाद में जांच में पता चला कि दस्तावेज असली नहीं था।
मामले की सूचना मिलते ही गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को अलर्ट किया। इसके बाद पटना साइबर थाना सक्रिय हुआ और तकनीकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान दस्तावेज की डिजिटल ट्रैकिंग की गई, जिससे उसकी तैयारी से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आईं।
तकनीकी जांच में खुला राज
साइबर जांच के दौरान पुलिस को संकेत मिले कि फर्जी पत्र भोजपुर जिले के पीरो स्थित एसडीपीओ कार्यालय से तैयार किया गया था। इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर संबंधित दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की। इसी कार्रवाई के दौरान कार्यालय में तैनात रीडर को हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में कुछ और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के फर्जी आदेश प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
एसडीपीओ की भूमिका पर भी सवाल
जांच एजेंसियों को प्रारंभिक पड़ताल में एसडीपीओ कार्यालय की भूमिका संदिग्ध लगी। इसी आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए संबंधित एसडीपीओ को वर्तमान पद से हटा दिया गया। फिलहाल साइबर क्राइम थाना भोजपुर के डीएसपी स्नेह सेतु को पीरो का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी और यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामले की निगरानी खुद डीजीपी स्तर से की जा रही है।
साइबर अपराध पर बढ़ी सतर्कता
इस घटना के बाद प्रशासनिक विभागों में दस्तावेजों की डिजिटल सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि सरकारी आदेशों की फर्जी कॉपी बनाकर वायरल करना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और जनविश्वास दोनों प्रभावित होते हैं।
राज्य पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फर्जी पत्र किन माध्यमों से वायरल किया गया और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। फिलहाल गिरफ्तार रीडर से लगातार पूछताछ जारी है।