FuelPrices – कच्चे तेल में हल्की बढ़त, देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर
FuelPrices – अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को मामूली तेजी दर्ज की गई, लेकिन इसका असर फिलहाल देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की खुदरा कीमतों पर नहीं पड़ा है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा दरों के अनुसार प्रमुख महानगरों में ईंधन और एलपीजी सिलेंडर के दाम पहले जैसे ही बने हुए हैं। सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य चल रही है।

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के भाव बढ़े
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 0.60 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जिसके बाद यह 83.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 81.37 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। तेल बाजार में यह बढ़ोतरी सीमित रही, इसलिए घरेलू ईंधन दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।
महानगरों में पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतें
इंडियन ऑयल की ओर से जारी दरों के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है।
कोलकाता में उपभोक्ताओं को पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।
एलपीजी सिलेंडर के दाम में भी कोई बदलाव नहीं
घरेलू रसोई गैस की कीमतों में भी कोई संशोधन नहीं किया गया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध है। मुंबई में इसकी कीमत 941.50 रुपये है, जबकि चेन्नई में उपभोक्ताओं को यही सिलेंडर 957.50 रुपये में मिल रहा है। कोलकाता में घरेलू गैस सिलेंडर का मूल्य 968 रुपये बना हुआ है।
दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3,113.50 रुपये पर स्थिर है।
सरकार ने ईंधन उपलब्धता को लेकर दिया भरोसा
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता मौजूद है। मंत्रालय के अनुसार सभी रिफाइनरियां अपनी सामान्य क्षमता के अनुरूप काम कर रही हैं और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सरकार ने नागरिकों से ईंधन का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील भी की है, ताकि वितरण व्यवस्था संतुलित बनी रहे और आवश्यक क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित न हो।
डीजल खरीद सीमा लागू करने की वजह
मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई कि 11 जून को जारी अधिसूचना के तहत खुदरा पेट्रोल पंपों से एक व्यक्ति द्वारा प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल खरीदने की सीमा तय की गई है। यह व्यवस्था लगभग 90 दिनों के लिए लागू की गई है।
अधिकारियों के अनुसार हाल के महीनों में बड़ी मात्रा में औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं ने अपने निजी स्रोतों की बजाय खुदरा पंपों से डीजल खरीदना शुरू कर दिया था। मई के दौरान करीब 42 करोड़ लीटर डीजल ऐसी श्रेणी के उपभोक्ताओं द्वारा रिटेल आउटलेट्स से खरीदा गया, जिससे कुछ इलाकों में सामान्य ग्राहकों को असुविधा होने लगी थी।
एलपीजी और पीएनजी नेटवर्क का विस्तार जारी
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बीते चार दिनों में 1.66 करोड़ एलपीजी बुकिंग दर्ज की गईं, जबकि 1.84 करोड़ सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। इससे लंबित ऑर्डर की अवधि घटकर लगभग 3.3 दिन रह गई है। इसी दौरान 24,184 टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई और 5 किलोग्राम क्षमता वाले 2.18 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए।
पाइप्ड नेचुरल गैस के क्षेत्र में भी विस्तार जारी है। मार्च 2026 से अब तक 9.76 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं। साथ ही 3.19 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए आवश्यक ढांचा तैयार किया गया है और 9.72 लाख नए उपभोक्ताओं का पंजीकरण किया गया है।