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FuelSupply – कुशीनगर में कई पेट्रोल पंपों पर दिखी लंबी कतारें

FuelSupply – तेल कंपनियां लगातार यह दावा कर रही हैं कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सामान्य बनी हुई है, लेकिन उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले की जमीनी तस्वीर कुछ अलग कहानी बयां कर रही है। कई पेट्रोल पंपों पर या तो ईंधन खत्म मिला या फिर सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा था। कुछ जगहों पर ग्राहकों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं।

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स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में अचानक बढ़ी मांग और अनिश्चितता के कारण कई पंपों पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि कंपनियां किसी बड़े संकट से इनकार कर रही हैं, लेकिन मौके पर मौजूद हालात लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।

कई पंपों पर नहीं मिला पेट्रोल

कुशीनगर की ओर जाते समय सबसे पहले इंडियन ऑयल के एक पेट्रोल पंप पर सन्नाटा दिखाई दिया। पंप के प्रवेश द्वार पर रस्सी लगाकर रास्ता बंद किया गया था। वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि फिलहाल पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। इसके कुछ दूरी बाद एक अन्य पंप पर ईंधन मिल रहा था, लेकिन वहां वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई थी।

राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर आगे बढ़ने के दौरान भी कई पंपों पर सामान्य स्थिति नजर नहीं आई। कुछ स्थानों पर ग्राहकों को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल दिया जा रहा था। एक पंप कर्मचारी ने बताया कि बाइक में केवल 100 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि डीजल की अधिकतम सीमा 1000 रुपये तय की गई है।

सीमित बिक्री से बढ़ी लोगों की परेशानी

कई वाहन चालकों ने बताया कि जरूरत से कम ईंधन मिलने की वजह से उन्हें बार-बार अलग-अलग पंपों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ किसानों को डीजल भरवाने के लिए गैलन लेकर लंबी लाइन में इंतजार करते देखा गया। ट्रैक्टर और निजी वाहनों के साथ लोग घंटों अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे थे।

एक पेट्रोल पंप कर्मचारी ने बताया कि सीमित बिक्री का फैसला स्थानीय स्तर पर लिया गया है ताकि अधिक से अधिक लोगों तक उपलब्ध स्टॉक पहुंच सके। हालांकि इस व्यवस्था को लेकर ग्राहकों में नाराजगी भी दिखाई दी।

कई जगह पूरी तरह सूखे मिले पंप

कुशीनगर और आसपास के इलाकों में कुछ पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद मिले। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी और कर्मचारियों ने साफ कहा कि उनके पास पेट्रोल या डीजल उपलब्ध नहीं है। एक निजी कंपनी के पंप पर दोनों तरह का ईंधन खत्म होने की सूचना लगी हुई थी।

भारत पेट्रोलियम के एक पंप पर केवल डीजल उपलब्ध था और उसकी बिक्री भी सीमित मात्रा में की जा रही थी। कर्मचारियों के अनुसार, पेट्रोल का स्टॉक सुबह से ही खत्म हो चुका था। वहां किसानों और ग्रामीण इलाकों से आए लोगों की लंबी कतारें लगी हुई थीं।

कंपनियों के दावों पर उठ रहे सवाल

तेल कंपनियों की तरफ से लगातार यह कहा जा रहा है कि सप्लाई चेन सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। लेकिन जमीनी हालात देखने के बाद स्थानीय लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि सप्लाई पूरी तरह सामान्य है तो फिर पंपों पर बिक्री सीमित क्यों की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति में लोगों के बीच घबराहट बढ़ने लगती है और पैनिक बाइंग की वजह से दबाव और बढ़ जाता है। इससे सामान्य आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित होती है।

प्रशासन की निगरानी बढ़ी

स्थानीय प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए संबंधित कंपनियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने से बचें ताकि सभी उपभोक्ताओं तक पर्याप्त मात्रा में सप्लाई पहुंच सके।

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