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IPO – एसबीआई फंड्स के आईपीओ को लेकर तैयारियां हुईं तेज

IPO – देश की सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों में शामिल एसबीआई फंड मैनेजमेंट अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट गई है। बाजार सूत्रों के अनुसार कंपनी ने हाल के दिनों में कई बड़े निवेशकों और फंड मैनेजरों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। माना जा रहा है कि यह कवायद संभावित आईपीओ से पहले निवेशकों की रुचि और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगले दो से तीन महीनों के भीतर अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी IPO ला सकती है। निवेश बाजार में इस संभावित पेशकश को लेकर पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है क्योंकि एसबीआई फंड मैनेजमेंट देश के सबसे बड़े एसेट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म्स में गिनी जाती है।

बड़े निवेशकों से लगातार बातचीत

जानकारी के अनुसार कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बीते सप्ताह कई संस्थागत निवेशकों और एसेट मैनेजमेंट टीमों के साथ अलग-अलग दौर की बैठकें कीं। इन चर्चाओं में कंपनी के प्रबंध निदेशक डीपी सिंह और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर श्रीनिवासन भी शामिल रहे।

बताया जा रहा है कि इन बैठकों का उद्देश्य संभावित एंकर निवेशकों से समर्थन हासिल करना था। निवेशकों के साथ हुई बातचीत में कंपनी की भविष्य की रणनीति, फंड ग्रोथ और बाजार विस्तार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बाजार विशेषज्ञ इसे आईपीओ प्रक्रिया का अहम हिस्सा मान रहे हैं।

जुलाई में आ सकता है बड़ा आईपीओ

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एसबीआई फंड मैनेजमेंट का आईपीओ जुलाई के आसपास पेश किया जा सकता है। इस इश्यू का अनुमानित आकार करीब 13 हजार करोड़ रुपये बताया जा रहा है। कंपनी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फ्रांस की एसेट मैनेजमेंट कंपनी Amundi की हिस्सेदारी है।

फिलहाल एसबीआई के पास कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी मौजूद है, जबकि Amundi भी बड़ी भागीदारी रखती है। माना जा रहा है कि आईपीओ के जरिए दोनों संस्थाएं अपनी कुछ हिस्सेदारी बाजार में बेच सकती हैं। इससे कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का रास्ता मिलेगा।

फंड मैनेजमेंट कारोबार में मजबूत पकड़

कंपनी द्वारा पहले दाखिल किए गए दस्तावेजों के अनुसार एसबीआई फंड मैनेजमेंट 12.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्तियों का प्रबंधन कर रही है। यही वजह है कि निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर खास दिलचस्पी देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि देश में बढ़ती SIP संस्कृति और म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या में तेजी से हो रही वृद्धि का लाभ कंपनी को मिल सकता है। बीते कुछ वर्षों में रिटेल निवेशकों का झुकाव इक्विटी और म्यूचुअल फंड की ओर बढ़ा है, जिससे इस क्षेत्र की कंपनियों का मूल्यांकन मजबूत हुआ है।

अनलिस्टेड बाजार में बढ़ी हलचल

कंपनी के शेयर फिलहाल अनलिस्टेड मार्केट में सक्रिय रूप से ट्रेड हो रहे हैं। बाजार सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में इसके शेयर 760 से 770 रुपये के दायरे में कारोबार कर रहे थे। इस मूल्यांकन के आधार पर कंपनी का संभावित मार्केट कैप करीब 1.55 लाख करोड़ रुपये के आसपास आंका जा रहा है।

इस तुलना में देश की अन्य बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का बाजार मूल्य भी चर्चा में है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि बाजार परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो एसबीआई फंड मैनेजमेंट का आईपीओ इस वर्ष के सबसे बड़े वित्तीय इश्यू में शामिल हो सकता है।

SBI शेयरों का प्रदर्शन भी चर्चा में

मूल कंपनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों ने भी पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। बीते एक वर्ष में बैंक के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। लंबी अवधि के निवेशकों को भी इस स्टॉक से उल्लेखनीय लाभ मिला है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि एसबीआई फंड मैनेजमेंट के आईपीओ का असर बैंकिंग और म्यूचुअल फंड सेक्टर दोनों पर देखने को मिल सकता है। अब निवेशकों की नजर कंपनी की आधिकारिक घोषणा और आईपीओ से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पर बनी हुई है।

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