Stocks – अफकॉन्स इंफ्रा के दो विदेशी टेंडर रद्द, आज आएंगे नतीजे
Stocks – विदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड सोमवार को निवेशकों के बीच चर्चा में बनी हुई है। कंपनी से जुड़ी दो अहम जानकारियां सामने आई हैं। एक ओर क्रोएशिया में सड़क निर्माण से जुड़े उसके दो बड़े टेंडर रद्द कर दिए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ कंपनी आज चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी जारी करने वाली है। ऐसे में बाजार की नजरें अब कंपनी के अगले कदम और उसके प्रदर्शन पर टिकी हैं।

क्रोएशिया में सड़क परियोजनाओं को लेकर झटका
कंपनी ने पहले शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया था कि उसे क्रोएशिया की सरकारी संस्था क्रोएशियन मोटरवेज लिमिटेड की ओर से दो सड़क निर्माण पैकेजों के लिए सबसे कम बोलीदाता चुना गया था। ये परियोजनाएं देश में सड़क अवसंरचना के विस्तार से जुड़ी थीं और इन्हें कंपनी की यूरोपीय उपस्थिति के लिहाज से अहम माना जा रहा था।
हालांकि हाल ही में कंपनी को सूचना मिली कि दोनों टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित एजेंसी के मुताबिक, कंपनी की बोली अनुमानित बजट और उपलब्ध वित्तीय प्रावधानों से अधिक थी। इसके चलते प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद निवेशकों के बीच कंपनी की विदेशी परियोजनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
रेलवे परियोजना से मिली राहत
सड़क परियोजनाओं में झटका लगने के बावजूद कंपनी को हाल ही में क्रोएशिया में ही रेलवे क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा अवसर मिला है। अफकॉन्स इंफ्रा को डूगो सेलो-नोव्स्का रेलखंड के पुनर्निर्माण और दूसरी रेलवे लाइन बिछाने की परियोजना के लिए सबसे उपयुक्त बोलीदाता चुना गया है।
इस प्रोजेक्ट में ट्रैक निर्माण के साथ ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन, सिग्नलिंग और दूरसंचार से जुड़े काम भी शामिल हैं। परियोजना की अनुमानित लागत 677 मिलियन यूरो से अधिक बताई जा रही है। कंपनी ने इसे यूरोप में अपने विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। कंपनी का कहना है कि यह अब तक का उसका सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर हो सकता है।
वित्तीय प्रदर्शन पर भी रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजों पर टिकी हुई है। निवेशकों को उम्मीद है कि कंपनी अपनी ऑर्डर बुक और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के दम पर आय और मुनाफे में सुधार दिखा सकती है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने राजस्व और परिचालन लाभ में स्थिर बढ़ोतरी दर्ज की है।
उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार कंपनी ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। कंपनी की परिचालन क्षमता और बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की क्षमता को लेकर बाजार में सकारात्मक धारणा बनी हुई है। रिटर्न ऑन इक्विटी और रिटर्न ऑन कैपिटल जैसे संकेतक भी उद्योग मानकों के अनुसार संतोषजनक माने जा रहे हैं।
शेयर प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव
पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर करीब 1.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 336 रुपये के आसपास बंद हुआ था। हालांकि वर्ष 2026 में अब तक स्टॉक में गिरावट देखने को मिली है और यह अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहा है। विदेशी टेंडर रद्द होने और तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों के बीच सतर्कता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के आगामी नतीजे और अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर बुक आने वाले समय में शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बाजार फिलहाल कंपनी के प्रबंधन की रणनीति और भविष्य की परियोजनाओं पर नजर बनाए हुए है।