NeetuKapoor – ऋषि कपूर के निधन के बाद काम पर लौटने की वजह बताई
NeetuKapoor – अभिनेत्री नीतू कपूर ने हाल ही में अपने जीवन के उस कठिन दौर के बारे में खुलकर बात की, जब ऋषि कपूर के निधन के बाद उन्होंने दोबारा काम शुरू किया था। उन्होंने बताया कि उस समय मानसिक रूप से खुद को संभालना उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था। नीतू कपूर ने यह भी साझा किया कि फिल्म ‘जुग जुग जियो’ में काम करना उनके लिए सिर्फ पेशेवर फैसला नहीं था, बल्कि खुद को टूटने से बचाने की एक कोशिश थी।

उन्होंने माना कि उस दौरान सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन लोगों को उनकी असली परिस्थिति का अंदाजा नहीं था।
करण जौहर ने दी थी काम पर लौटने की सलाह
एक बातचीत में नीतू कपूर ने बताया कि ऋषि कपूर के निधन के बाद वह लंबे समय तक गहरे दुख में रहीं। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी मानसिक स्थिति काफी खराब हो गई थी और उन्हें रातों में नींद तक नहीं आती थी।
नीतू कपूर के मुताबिक उन्होंने इस बारे में फिल्म निर्माता करण जौहर से बातचीत की थी। करण ने उन्हें सलाह दी कि वह दोबारा काम शुरू करें, ताकि धीरे-धीरे सामान्य जिंदगी में लौट सकें। अभिनेत्री ने बताया कि यही वजह थी कि उन्होंने ‘जुग जुग जियो’ फिल्म के जरिए कैमरे के सामने वापसी की।
उनका कहना था कि काम ने उन्हें मानसिक रूप से संभलने में मदद की और इससे उनका आत्मविश्वास भी वापस आने लगा।
ट्रोलिंग ने पहुंचाया मानसिक आघात
नीतू कपूर ने कहा कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की तो सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने सवाल उठाए कि पति के निधन के तुरंत बाद वह काम पर कैसे लौट आईं।
अभिनेत्री ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां उन्हें भीतर तक परेशान करती थीं, क्योंकि लोग उनकी भावनात्मक स्थिति को समझ नहीं पा रहे थे। उन्होंने बताया कि वह उस समय खुद को संभालने के लिए संघर्ष कर रही थीं और काम उनके लिए एक तरह की थेरेपी जैसा था।
नीतू कपूर ने कहा कि किसी व्यक्ति के निजी दुख को बाहर से देखकर समझ पाना आसान नहीं होता। हर इंसान दुख से बाहर निकलने का अपना तरीका तलाशता है।
नींद की समस्या और शराब की आदत का किया जिक्र
बातचीत के दौरान नीतू कपूर ने यह भी स्वीकार किया कि उस कठिन दौर में उन्हें गंभीर नींद की समस्या होने लगी थी। उन्होंने बताया कि कई रातें ऐसी होती थीं जब वह सो ही नहीं पाती थीं।
उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे उन्होंने शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया था, क्योंकि बिना उसके उन्हें नींद नहीं आती थी। स्थिति इतनी मुश्किल हो गई थी कि डॉक्टरों की मदद लेनी पड़ी।
अभिनेत्री के अनुसार कुछ दिनों तक डॉक्टर रात में उनके घर आते थे और उन्हें दवाइयों व इंजेक्शन की मदद से आराम दिलाने की कोशिश करते थे। बाद में उन्होंने खुद को इस स्थिति से बाहर निकालने का फैसला किया।
शादी के बाद फिल्मों से बनाई थी दूरी
नीतू कपूर हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में रही हैं। ऋषि कपूर से शादी के बाद उन्होंने लंबे समय तक फिल्मों से दूरी बना ली थी। उनकी आखिरी प्रमुख फिल्म 1983 में आई थी, जिसके बाद उन्होंने परिवार पर ध्यान देना शुरू कर दिया।
कई सालों बाद उन्होंने फिल्मों में वापसी की और अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आईं। ‘लव आज कल’, ‘दो दूनी चार’, ‘जब तक है जान’ और ‘बेशर्म’ जैसी फिल्मों में उनकी उपस्थिति को दर्शकों ने सराहा।
नीतू कपूर का कहना है कि जीवन में कठिन समय हर किसी के सामने आता है, लेकिन उससे बाहर निकलने के लिए खुद को व्यस्त और सकारात्मक रखना जरूरी होता है।