SatlujFilm – ओटीटी से हटने के बाद ‘सतलुज’ पर और गहराया विवाद
SatlujFilm- अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज हुई यह फिल्म करीब 48 घंटे के भीतर प्लेटफॉर्म से हटा दी गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों ने इस फैसले को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसी बीच पंजाब के कुछ संगठनों ने फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग आयोजित करने की घोषणा की है, जबकि शिरोमणि अकाली दल ने भी इसे राज्यभर में लोगों तक पहुंचाने की बात कही है।

शिरोमणि अकाली दल का ऐलान
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि पार्टी पंजाब के विभिन्न गांवों और क्षेत्रों में फिल्म का प्रदर्शन कराने की योजना बना रही है। उनके अनुसार, फिल्म में जिन ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख किया गया है, उनसे नई पीढ़ी को परिचित कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पहल इतिहास के उस दौर को समझने के उद्देश्य से की जाएगी।
इतिहास को सामने लाने की बात
सुखबीर सिंह बादल ने अपने बयान में कहा कि पंजाब के उथल-पुथल भरे दौर से जुड़े कई मामलों को लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। उनका कहना है कि उस समय हुई घटनाओं को लेकर विभिन्न पक्षों की अपनी-अपनी राय रही है और ऐसे विषयों पर चर्चा लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाए रखने के पक्ष में है।
फिल्म की कहानी किस विषय पर आधारित है
‘सतलुज’ की कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके कार्यों से प्रेरित बताई जाती है। फिल्म में 1990 के दशक के पंजाब की पृष्ठभूमि दिखाई गई है, जहां कथानक के अनुसार उन्होंने कथित फर्जी मुठभेड़ों और लावारिस घोषित किए गए शवों से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया था। फिल्म इन्हीं घटनाओं पर आधारित एक नाटकीय प्रस्तुति है।
अकाल तख्त ने भी किया कार्यक्रम का ऐलान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अकाल तख्त ने भी 14 जुलाई को विशेष अरदास आयोजित करने की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार यह धार्मिक कार्यक्रम उन लोगों की स्मृति में आयोजित किया जाएगा, जिनके परिवार लंबे समय से न्याय की मांग करते रहे हैं। इस अवसर पर पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थना और शांति संदेश भी दिया जाएगा।
हरीके पत्तन में होगी धार्मिक सभा
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने बताया कि 14 जुलाई को हरीके पत्तन स्थित सतलुज नदी के किनारे विशेष धार्मिक सभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य शांति, स्मरण और न्याय की मांग को लेकर सामूहिक प्रार्थना करना बताया गया है।
फिल्म और समीक्षा प्रक्रिया पर नजर
‘सतलुज’ का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अलावा अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान प्रमुख भूमिकाओं में हैं। वहीं, पंजाब भाजपा के अनुसार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की परिस्थितियों की समीक्षा के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक जांच प्रक्रिया जारी है।