Heart Health Awareness- कम उम्र में बढ़ते हार्ट अटैक मामलों पर डॉ. देवी शेट्टी ने दी अहम सलाह
Heart Health Awareness- देश में कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. देवी शेट्टी ने समय रहते जांच और सतर्कता को सबसे प्रभावी उपाय बताया है। उनका कहना है कि कई गंभीर मामलों का जोखिम पहले से पहचाना जा सकता है, यदि लोग नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

35 से 40 वर्ष के बीच कराएं नियमित हार्ट जांच
डॉ. शेट्टी के अनुसार, विशेष रूप से पुरुषों को 35 से 40 वर्ष की आयु के बीच नियमित हार्ट चेकअप शुरू कर देना चाहिए। उनका मानना है कि सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण के साथ आवश्यकता के अनुसार हार्ट का CT स्कैन भी कराया जा सकता है। इससे हृदय की धमनियों में होने वाले शुरुआती बदलावों का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है और भविष्य के जोखिम का बेहतर आकलन किया जा सकता है।
पारिवारिक इतिहास होने पर बढ़ जाती है सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों के परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक या गंभीर हृदय रोग का इतिहास रहा है, उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की आवश्यकता है। ऐसे मामलों में नियमित जांच के साथ डॉक्टर की सलाह के अनुसार जीवनशैली में बदलाव भी महत्वपूर्ण माना जाता है। समय पर जांच कराने से संभावित जोखिम की पहचान आसान हो सकती है और आवश्यक उपचार या बचाव के उपाय समय रहते अपनाए जा सकते हैं।
हाई-इंटेंसिटी स्पोर्ट्स करने वालों के लिए भी सलाह
डॉ. शेट्टी ने उन युवाओं का भी उल्लेख किया जो कम उम्र से ही मैराथन, लंबी दूरी की दौड़ या अन्य हाई-इंटेंसिटी एंड्योरेंस स्पोर्ट्स में सक्रिय रहते हैं। उनके अनुसार, लगातार अत्यधिक शारीरिक प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को भी समय-समय पर हृदय की जांच करानी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि शरीर पर बढ़ते शारीरिक दबाव का हृदय पर कोई प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है।
समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि हार्ट अटैक का खतरा केवल अधिक उम्र तक सीमित नहीं रह गया है। बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते युवाओं में भी हृदय संबंधी समस्याओं के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और चिकित्सकीय सलाह का पालन हृदय को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम माने जाते हैं। किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।