BreastCancer – पुरुषों में भी दिख रहे हैं स्तन कैंसर के मामले, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
BreastCancer – स्तन कैंसर को लंबे समय तक केवल महिलाओं से जुड़ी बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन अब पुरुषों में भी इसके मामले सामने आने लगे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता की कमी और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने की वजह से कई मरीज देर से अस्पताल पहुंचते हैं। यही कारण है कि पुरुषों में यह बीमारी अक्सर गंभीर अवस्था में पकड़ में आती है।

ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. शशांक निगम के मुताबिक, पुरुषों में स्तन कैंसर के मामले कम जरूर हैं, लेकिन इसे हल्के में लेना सही नहीं होगा। शुरुआती पहचान होने पर इलाज आसान हो सकता है, जबकि देर होने पर जोखिम बढ़ जाता है।
किन कारणों से बढ़ सकता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों में हार्मोन असंतुलन इस बीमारी का एक बड़ा कारण माना जाता है। खासतौर पर शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ने पर जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा आनुवंशिक कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं।
अगर परिवार में पहले किसी सदस्य को स्तन कैंसर रहा हो, तो खतरा बढ़ सकता है। BRCA2 जीन में बदलाव भी एक प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि मोटापा, लंबे समय तक शराब और धूम्रपान की आदत, लिवर संबंधी बीमारी और निष्क्रिय जीवनशैली भी जोखिम को बढ़ा सकती है।
कुछ मामलों में छाती पर पहले ली गई रेडिएशन थेरेपी या अंडकोष से जुड़ी बीमारी और सर्जरी को भी कारण माना जाता है।
इन संकेतों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं पुरुष
डॉक्टरों के अनुसार, पुरुषों में स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य समस्या समझ लिए जाते हैं। यही वजह है कि लोग समय पर जांच नहीं कराते।
सीने या निप्पल के आसपास गांठ महसूस होना इसका प्रमुख संकेत हो सकता है। इसके अलावा स्तन के आकार में बदलाव, लगातार दर्द या जलन, बगल में सूजन और निप्पल से किसी तरह का स्राव भी गंभीर संकेत माने जाते हैं। कुछ मरीजों में त्वचा पर लालपन, झुर्रियां या गड्ढे जैसे बदलाव भी देखे जाते हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे किसी भी बदलाव को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
मेल बूब्स और कैंसर में क्या अंतर है
कई पुरुषों में हार्मोनल बदलाव के कारण स्तनों का आकार बढ़ने लगता है, जिसे गायनेकोमैस्टिया या सामान्य भाषा में मेल बूब्स कहा जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति कैंसर से अलग होती है।
गायनेकोमैस्टिया में आमतौर पर दोनों तरफ हल्की और मुलायम सूजन महसूस होती है। यह किशोरावस्था, मोटापा, कुछ दवाओं, स्टेरॉयड या शराब के कारण भी हो सकता है।
वहीं स्तन कैंसर में अक्सर एक तरफ सख्त गांठ बनती है, जो धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। कई मामलों में दर्द नहीं होता, लेकिन निप्पल से डिस्चार्ज या त्वचा में बदलाव दिख सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी असामान्य बदलाव को सामान्य मानकर छोड़ना ठीक नहीं है।
इलाज और बचाव को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों में स्तन कैंसर का इलाज महिलाओं की तरह ही किया जाता है। बीमारी की अवस्था और प्रकार के आधार पर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन और हार्मोन थेरेपी का सहारा लिया जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और वजन नियंत्रित रखना इसमें मददगार माना जाता है। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के हार्मोनल दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर भी जोर देते हैं कि सीने में किसी भी तरह की गांठ, सूजन या बदलाव को हल्के में लेने की बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।