Germany – जर्मनी में कार्यरत भारतीय युवक की मौत, पार्थिव शरीर लाने की पहल तेज…
Germany- जर्मनी में कार्यरत भारतीय युवक तूफान मिश्रा के निधन की खबर उनके पैतृक गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई। 30 वर्षीय तूफान मिश्रा कई वर्षों से जर्मनी में निजी क्षेत्र की एक कंपनी में कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। अब परिवार उनके पार्थिव शरीर को भारत लाकर पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कराने की कोशिश में जुटा है।

अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में हुई मौत
परिवार के सदस्यों ने बताया कि 6 जुलाई को ड्यूटी पूरी कर घर लौटने के कुछ समय बाद तूफान की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना की सूचना अगले दिन उनके परिजनों को भारत में मिली, जिसके बाद परिवार और रिश्तेदारों में शोक का माहौल बन गया।
कई वर्षों से जर्मनी में कर रहे थे नौकरी
तूफान मिश्रा वर्ष 2016 से जर्मनी में DHL कंपनी के साथ कार्यरत थे। उनकी पत्नी सुष्मिता मिश्रा भी वहीं एक अन्य निजी कंपनी में नौकरी करती हैं। दोनों विदेश में रहकर अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे थे। अचानक हुई इस घटना ने परिवार की योजनाओं को गहरा झटका दिया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
तूफान मिश्रा अपने माता-पिता की सबसे बड़ी संतान थे। परिवार में उनके तीन भाई और एक बहन हैं। उनके पीछे पत्नी और आठ वर्ष का एक बेटा है। गांव में जैसे ही उनके निधन की सूचना पहुंची, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की भीड़ परिवार के घर पहुंचने लगी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का वातावरण बना हुआ है।
पार्थिव शरीर लाने के लिए प्रशासन से मदद की मांग
परिवार ने बताया कि पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित प्रशासनिक और दूतावास स्तर पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके।
गांव में शोक, लोगों ने जताई संवेदना
तूफान मिश्रा के निधन की खबर से कुसबेड़िया गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने उन्हें मिलनसार और मेहनती युवा बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सभी की निगाहें अब इस बात पर हैं कि आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी हों और उनका पार्थिव शरीर भारत पहुंच सके, जिससे परिवार अपने प्रिय सदस्य को अंतिम विदाई दे सके।