झारखण्ड

CoalMining – अवैध कोयला खनन रोकने के लिए केंद्र ने सख्त निगरानी के दिए निर्देश

CoalMining – केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन और कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को व्यापक रणनीति के साथ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने धनबाद सहित संवेदनशील खनन क्षेत्रों में “जीरो कोल लीकेज प्लान” लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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उच्चस्तरीय बैठक में हुई विस्तृत समीक्षा

रविवार को हुई बैठक में केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी, गृह मंत्रालय, सीआईएसएफ और कोल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अवैध खनन, कोयला चोरी और गैरकानूनी परिवहन से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। गृह मंत्री ने संबंधित एजेंसियों से समन्वय के साथ निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार कार्रवाई करने और उपलब्ध कानूनी अधिकारों का प्रभावी उपयोग करने को कहा।

धनबाद सहित संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस

बैठक में धनबाद और आसपास के उन इलाकों पर विशेष चर्चा हुई जहां अवैध खनन की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए तथा अवैध खनन और कोयले की गैरकानूनी ढुलाई पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित मंत्रालय नियमित रूप से अभियान की प्रगति की समीक्षा करे ताकि कार्रवाई की प्रभावशीलता बनी रहे।

सीआईएसएफ की तैनाती और त्वरित कार्रवाई पर जोर

अमित शाह ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोयला क्षेत्र को सीआईएसएफ की प्राथमिक तैनाती वाली सूची में शामिल किया जाए। इससे आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों की शीघ्र तैनाती संभव होगी। उन्होंने सीआईएसएफ को त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली विशेष टीमों के गठन का भी सुझाव दिया, ताकि सूचना मिलते ही मौके पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

जीएसटी विभाग की भागीदारी बढ़ाने की सलाह

गृह मंत्री ने कहा कि अवैध कोयला कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने अभियान में जीएसटी अधिकारियों को भी शामिल करने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि इससे कोयले की वैध आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी मजबूत होगी और ई-वे बिल की जांच अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। इससे गैरकानूनी परिवहन और अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी।

तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली होगी मजबूत

बैठक में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया। गृह मंत्री ने निर्देश दिए कि अवैध खनन प्रभावित क्षेत्रों में हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएं और उनकी निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाए। अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने, साक्ष्य एकत्र करने और समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार का उद्देश्य तकनीक और सुरक्षा तंत्र के बेहतर समन्वय के माध्यम से अवैध खनन और कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

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