ElectoralRoll – झारखंड में आज से शुरू होगा मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान
ElectoralRoll – झारखंड में मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से मंगलवार से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत हो रही है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) राज्यभर में घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और उन्हें आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। निर्वाचन विभाग के अनुसार राज्य में कुल 2.64 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से लगभग 2.17 करोड़ की मैपिंग पहले ही पूरी की जा चुकी है, जबकि करीब 47.42 लाख मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है।

घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ, फॉर्म भरकर करना होगा जमा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि बीएलओ प्रत्येक मतदाता से संपर्क कर उनकी जानकारी का मिलान करेंगे। मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां दी जाएंगी, जिनमें आवश्यक विवरण भरकर हस्ताक्षर के साथ एक प्रति बीएलओ को लौटानी होगी। दूसरी प्रति रसीद के रूप में मतदाता अपने पास सुरक्षित रख सकेंगे। जिन लोगों के फॉर्म समय पर जमा हो जाएंगे, उनके नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
अभियान की प्रमुख तिथियां तय
निर्वाचन आयोग ने इस विशेष अभियान का पूरा कार्यक्रम पहले ही जारी कर दिया है। बीएलओ 29 जुलाई तक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इसी अवधि से दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 7 अक्तूबर को जारी करने की योजना है।
दस्तावेज जमा करने की सामान्यतः आवश्यकता नहीं
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म के साथ दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे। यदि किसी मतदाता की जानकारी पहले की सूची से मेल नहीं खाती या सत्यापन में कोई विसंगति सामने आती है, तभी आवश्यक होने पर अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। आयोग ने यह भी चेतावनी दी है कि गलत घोषणा या फर्जी जानकारी देने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
नए और संशोधित मतदाताओं का भी होगा सत्यापन
इस अभियान के दौरान केवल मौजूदा मतदाताओं का ही सत्यापन नहीं होगा, बल्कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए पात्र नागरिकों की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। साथ ही जिन मतदाताओं का निधन हो चुका है, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, उनकी जानकारी भी अलग से संकलित की जाएगी ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सके।
शहरी क्षेत्रों में मैपिंग की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक लगभग 82 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है। हालांकि रांची और हटिया जैसे शहरी विधानसभा क्षेत्रों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी रही है, जहां करीब 55 प्रतिशत मतदाताओं का ही सत्यापन हो पाया है। दूसरी ओर तमाड़, मांडर और सिल्ली जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में 84 से 86 प्रतिशत तक मैपिंग पूरी हो चुकी है, जो बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।
राजनीतिक दलों की भी रहेगी भागीदारी
निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने राज्यभर में 74,320 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। सत्यापन अभियान के दौरान कई बूथों पर बीएलओ और बीएलए-2 की संयुक्त उपस्थिति रहेगी तथा आवश्यक जानकारी निर्धारित डिजिटल माध्यम से भी अपलोड की जाएगी।