IPOApproval – सेबी से मिली मंजूरी, दो कंपनियां लाएंगी नया आईपीओ
IPOApproval – शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक और नई हलचल देखने को मिल सकती है। दवा और ज्वेलरी कारोबार से जुड़ी दो कंपनियों को अपना आईपीओ लाने के लिए बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिल गई है। इनमें कोटेक हेल्थकेयर और दीपा ज्वेलर्स शामिल हैं। दोनों कंपनियां अब जल्द ही पूंजी बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं।

सेबी की ओर से शुक्रवार को जारी जानकारी के मुताबिक, दोनों कंपनियों को 18 मई 2026 को नियामक की टिप्पणियां प्राप्त हुईं, जिसे आईपीओ प्रक्रिया के लिए स्वीकृति माना जाता है। कोटेक हेल्थकेयर ने सितंबर 2025 में और दीपा ज्वेलर्स ने दिसंबर 2025 में अपने प्रारंभिक दस्तावेज जमा किए थे।
कोटेक हेल्थकेयर जुटाएगी नई पूंजी
कोटेक हेल्थकेयर के प्रस्तावित आईपीओ में 295 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा 60 लाख शेयरों की बिक्री पेशकश यानी ओएफएस भी शामिल होगी। कंपनी इस फंड का उपयोग नई परियोजनाओं की स्थापना, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए उत्पादों के विकास में करने की योजना बना रही है।
कंपनी फार्मास्युटिकल सेक्टर में कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग सेवाएं उपलब्ध कराती है। यह अलग-अलग चिकित्सा श्रेणियों के लिए दवाओं का निर्माण करती है। इसके उत्पादों में इंजेक्शन, टैबलेट, कैप्सूल, सिरप, ऑइंटमेंट और इन्फ्यूजन जैसी कई श्रेणियां शामिल हैं।
कंपनी की सेवाएं एंटीबायोटिक्स, हृदय रोग, त्वचा रोग, महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण जैसे कई क्षेत्रों तक फैली हुई हैं। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि फार्मा सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए इस आईपीओ पर निवेशकों की नजर बनी रह सकती है।
दीपा ज्वेलर्स भी बाजार में उतरेगी
ज्वेलरी क्षेत्र की कंपनी दीपा ज्वेलर्स को भी आईपीओ लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई है। कंपनी का यह सार्वजनिक निर्गम 250 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू और 1.18 करोड़ से अधिक शेयरों की बिक्री पेशकश का मिश्रण होगा। प्रमोटर अशोक अग्रवाल और सीमा अग्रवाल ओएफएस के तहत अपनी हिस्सेदारी का कुछ भाग बेचेंगे।
2016 में स्थापित दीपा ज्वेलर्स मुख्य रूप से हॉलमार्क वाली सोने की ज्वेलरी के प्रोसेसिंग और सप्लाई कारोबार से जुड़ी हुई है। कंपनी दक्षिण भारत के कई राज्यों में सक्रिय है और 22 कैरेट सोने के आभूषणों पर विशेष ध्यान देती है।
दक्षिण भारतीय ज्वेलरी पर फोकस
कंपनी का कारोबार पारंपरिक दक्षिण भारतीय डिजाइन वाले गहनों पर आधारित है। इसके पोर्टफोलियो में चूड़ियां, कंगन, झुमके, मांगटीका, पुरुषों के कड़े और अन्य पारंपरिक आभूषण शामिल हैं। कंपनी आउटसोर्स मॉडल के जरिए उत्पादन करवाती है, जिसमें कई कारीगर जुड़े हुए हैं।
इसके अलावा कंपनी जॉब वर्क मॉडल पर भी काम करती है, जहां ग्राहक कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं और कंपनी तैयार गहने बनाकर देती है। सोने के साथ-साथ कंपनी चांदी के आभूषण, बुलियन और कीमती पत्थरों के कारोबार में भी सक्रिय है।
कई राज्यों में फैला ग्राहक नेटवर्क
कंपनी के अनुसार नवंबर 2025 तक उसका नेटवर्क 13 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश तक फैल चुका था। उसके ग्राहकों में बड़े ज्वेलरी रिटेल चेन और स्वतंत्र आभूषण विक्रेता शामिल हैं। कंपनी का मुख्य फोकस थोक वितरण और प्रोसेसिंग कारोबार पर है, न कि सीधे खुदरा बिक्री पर।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में आईपीओ बाजार में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। ऐसे में फार्मा और ज्वेलरी सेक्टर से आने वाले ये दोनों नए सार्वजनिक निर्गम निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं।