MaiyaSamman – सत्यापन में पते पर नहीं मिले हजारों लाभार्थी
MaiyaSamman – झारखंड की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में किए जा रहे भौतिक सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में लाभार्थियों की जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही है। जांच के दौरान करीब 6700 ऐसे लाभार्थी सामने आए हैं, जो आवेदन में दर्ज पते पर नहीं मिले। इसके बाद संबंधित लाभार्थियों के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

जिला स्तर पर चल रही इस प्रक्रिया का उद्देश्य योजना का लाभ वास्तविक और पात्र लोगों तक पहुंचाना है। अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन अभियान लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अब तक करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है।
भौतिक सत्यापन में सामने आई विसंगतियां
सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से लाभार्थियों के घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है। इस दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें लाभार्थी दिए गए पते पर नहीं मिले। कुछ स्थानों पर परिवार लंबे समय से वहां नहीं रह रहा था, जबकि कुछ मामलों में उपलब्ध जानकारी अधूरी या गलत पाई गई।
अधिकारियों का कहना है कि योजना की पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जी दावों को रोकने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। इसी वजह से संदिग्ध मामलों की अलग से समीक्षा की जा रही है।
भुगतान पर लगाई गई अस्थायी रोक
जिन लाभार्थियों का सत्यापन नहीं हो सका है या जो निर्धारित पते पर नहीं मिले हैं, उनके खाते में अगली किस्त जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि यह कदम केवल जांच पूरी होने तक के लिए उठाया गया है।
यदि संबंधित लाभार्थी आवश्यक दस्तावेजों और पहचान संबंधी प्रमाणों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट कर देते हैं, तो आगे की प्रक्रिया के अनुसार उनके मामलों पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
योजना की निगरानी पर विशेष जोर
राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और सत्यापन अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की जांच से पात्र लाभार्थियों की सही पहचान हो सकेगी और सरकारी सहायता का दुरुपयोग रोका जा सकेगा।
पूर्वी सिंहभूम जिले में चल रहे इस अभियान के दौरान टीमों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी लाभार्थी के साथ अनावश्यक परेशानी न हो। साथ ही रिकॉर्ड को भी अद्यतन किया जा रहा है।
अंतिम रिपोर्ट का इंतजार
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। इसमें उन लाभार्थियों की संख्या, स्थिति और आगे की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। अधिकारियों के अनुसार, शेष सत्यापन कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
योजना से जुड़े मामलों की समीक्षा के बाद यह तय किया जाएगा कि किन लाभार्थियों को दोबारा सत्यापन का अवसर दिया जाएगा और किन मामलों में भुगतान स्थायी रूप से रोका जाएगा। फिलहाल विभाग पूरे अभियान को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर ध्यान दे रहा है।