PensionScheme – झारखंड सरकार ने सामाजिक योजनाओं के लिए जारी किए हजारों करोड़
PensionScheme – झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी दो बड़ी योजनाओं के तहत जिलों को बड़ी राशि आवंटित की है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना और मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के लिए कुल 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी जिलों को धनराशि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दिसंबर तक के लिए जारी हुआ बजट
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह आवंटन दिसंबर महीने तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य के 24 जिलों के लिए 8071 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना के लिए करीब 2191 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि मिलती रहे और भुगतान में किसी तरह की बाधा न आए।
गिरिडीह और रांची को मिला सबसे अधिक आवंटन
जिलावार वितरण में गिरिडीह को सबसे अधिक राशि दी गई है। मंईयां सम्मान योजना के तहत जिले को लगभग 691 करोड़ रुपये मिले हैं। रांची दूसरे स्थान पर है, जहां करीब 600 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। सर्वजन पेंशन योजना में भी गिरिडीह को सबसे ज्यादा 173 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। इसके अलावा रांची, पूर्वी सिंहभूम, पलामू और बोकारो को भी बड़ी राशि दी गई है। खूंटी जिले को इस योजना के तहत सबसे कम आवंटन मिला है।
अलग-अलग योजनाओं में बांटा गया बजट
सरकार ने यह राशि विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय योजनाओं के आधार पर बांटी है। ट्राइबल सब प्लान, अदर सब प्लान और अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत अलग-अलग जिलों को फंड आवंटित किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार ट्राइबल सब प्लान में 15 जिले शामिल हैं, जबकि अदर सब प्लान में 11 जिलों को रखा गया है। अनुसूचित जाति उप-योजना का लाभ राज्य के सभी जिलों को मिलेगा।
कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
ट्राइबल सब प्लान के अंतर्गत रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जैसे जिले शामिल हैं। वहीं अदर सब प्लान में गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और पलामू समेत अन्य जिलों को शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है।
समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लाभुकों के खातों में सहायता राशि समय पर पहुंचे। इसके लिए संबंधित डीडीओ कोड के माध्यम से राशि ट्रांसफर कर दी गई है। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए।
पारदर्शिता के साथ खर्च करने पर जोर
सरकार ने जिला स्तर पर सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। विभाग ने कहा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए नियमित निगरानी जरूरी होगी। राज्य सरकार इन योजनाओं को ग्रामीण महिलाओं, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए महत्वपूर्ण मान रही है।