RajyaSabhaElection – झारखंड राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी का नामांकन वैध, विवाद पर लगा विराम
RajyaSabhaElection – झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता आखिरकार समाप्त हो गई है। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को निर्वाचन अधिकारियों ने वैध घोषित कर दिया है। इसके साथ ही 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। नामांकन को लेकर उठी आपत्तियों के कारण उनका पर्चा लगभग 24 घंटे तक लंबित रखा गया था, जिस पर अब अंतिम फैसला आ गया है।

आपत्तियों के बाद हुई विस्तृत सुनवाई
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान परिमल नाथवानी के आवेदन में कुछ तकनीकी बिंदुओं को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इनमें उम्मीदवार के नाम और अन्य विवरणों से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए। इन आपत्तियों के चलते निर्वाचन पदाधिकारी सह झारखंड विधानसभा के प्रभारी सचिव रणजीत कुमार ने नामांकन को तत्काल मंजूरी देने के बजाय समीक्षा के लिए रोक दिया था।
सभी संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने और दस्तावेजों की जांच के बाद निर्वाचन अधिकारी ने निष्कर्ष निकाला कि नामांकन पत्र नियमों के अनुरूप है। इसके बाद दर्ज की गई सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए परिमल नाथवानी के पर्चे को वैध घोषित कर दिया गया।
कांग्रेस ने जताया कड़ा विरोध
नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस ने परिमल नाथवानी के पर्चे पर गंभीर सवाल उठाए थे। पार्टी नेताओं ने दावा किया था कि नामांकन में तकनीकी खामियां मौजूद हैं और इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन भी किया।
प्रदर्शन में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की और कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप समेत कई नेता शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप था कि नामांकन से जुड़ी प्रक्रिया में नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया और कुछ दस्तावेजों को लेकर स्पष्टता नहीं है।
निर्वाचन प्रक्रिया पर उठे सवाल
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आरोप लगाया कि निर्वाचन तंत्र का रवैया पक्षपातपूर्ण दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि नियमों का समान रूप से पालन नहीं किया गया तो इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।
दूसरी ओर, निर्वाचन अधिकारियों ने सभी निर्णयों को नियमानुसार और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर लिया गया बताया। अधिकारियों का कहना है कि सुनवाई के बाद ही अंतिम फैसला किया गया है।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आयोग को सभी पक्षों के प्रति समान दृष्टिकोण अपनाना चाहिए ताकि चुनावी प्रक्रिया पर किसी प्रकार का सवाल न उठे।
18 जून को होगा मतदान
नामांकन विवाद समाप्त होने के बाद अब राज्यसभा चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को मतदान कराया जाएगा। इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैद्यनाथ राम को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रणव झा मैदान में हैं। परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध घोषित किए जाने के बाद मुकाबला अब पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है और राजनीतिक दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।