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DKShivakumar – विशेष अदालत से मिली विदेश यात्रा की मंजूरी

DKShivakumar – कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार डीके शिवकुमार को एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। बेंगलुरु की विशेष अदालत ने उन्हें आयकर से जुड़े एक पुराने मामले में निर्धारित जमानत शर्तों में आंशिक छूट देते हुए अगले दो वर्षों तक विदेश यात्रा की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने यह अनुमति कुछ स्पष्ट शर्तों के साथ दी है, जिनका पालन करना उनके लिए अनिवार्य होगा।

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अदालत ने आवेदन स्वीकार किया

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शिवकुमार की उस याचिका को मंजूरी दी जिसमें उन्होंने आधिकारिक जिम्मेदारियों और व्यावसायिक कार्यों के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। चूंकि मामले में उन्हें पहले से जमानत मिली हुई है और जमानत की शर्तों के तहत विदेश यात्रा पर प्रतिबंध था, इसलिए अदालत से विशेष अनुमति लेना आवश्यक था।

अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और प्रस्तुत कारणों पर विचार करने के बाद यात्रा की मांग को उचित माना और सीमित शर्तों के साथ राहत देने का फैसला किया।

किन क्षेत्रों की यात्रा कर सकेंगे शिवकुमार

अदालती आदेश के अनुसार डीके शिवकुमार को अगले दो वर्षों के दौरान अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, यूरोप के विभिन्न देशों, ऑस्ट्रेलिया, रूस और कई अरब देशों की यात्रा करने की अनुमति दी गई है। अदालत ने माना कि उनके सार्वजनिक दायित्वों और अन्य कार्यों के कारण विदेश यात्राओं की आवश्यकता पड़ सकती है।

अनुमति के साथ तय की गईं अहम शर्तें

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक विदेश यात्रा से पहले शिवकुमार को अपनी यात्रा का पूरा कार्यक्रम और संबंधित विवरण जांच एजेंसी को उपलब्ध कराना होगा। इसके अलावा यदि अदालत किसी भी समय उनकी उपस्थिति आवश्यक समझती है, तो उन्हें निर्धारित तिथि पर पेश होना होगा।

आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी शर्त का उल्लंघन होता है, तो जांच एजेंसी या अभियोजन पक्ष अदालत में आवेदन देकर इस अनुमति को रद्द कराने की मांग कर सकता है। अदालत ने यह अधिकार संबंधित पक्षों के पास सुरक्षित रखा है।

2017 के आयकर मामले से जुड़ा है विवाद

यह मामला वर्ष 2017 में हुई आयकर जांच से संबंधित है। आयकर विभाग ने उस समय डीके शिवकुमार और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी का आरोप था कि छापेमारी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था।

मामले में शिवकुमार के अलावा अन्य सह-आरोपियों के नाम भी शामिल हैं। आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद यह प्रकरण लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है। हालांकि शिवकुमार लगातार इन आरोपों को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताते रहे हैं और उन्होंने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है।

अदालत ने किन आधारों पर दी राहत

अपने आदेश में अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत कारण प्रथम दृष्टया उचित और वास्तविक प्रतीत होते हैं। न्यायालय ने माना कि सरकारी जिम्मेदारियों, विभागीय कार्यों और निजी व्यावसायिक गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की आवश्यकता हो सकती है।

अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि इसी मामले के एक अन्य आरोपी को पहले सीमित अवधि के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मिल चुकी है। ऐसे में समान परिस्थितियों में शिवकुमार को राहत देना न्यायसंगत माना गया।

राजनीतिक घटनाक्रम के बीच आया फैसला

यह निर्णय ऐसे समय आया है जब कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कांग्रेस नेतृत्व के निर्देश के बाद सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है और डीके शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना पर व्यापक चर्चा हो रही है।

राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर यह घटनाक्रम डीके शिवकुमार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एक ओर उन्हें अदालत से राहत मिली है और दूसरी ओर राज्य की सत्ता में उनकी भूमिका और मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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