Pension Update – जीवन प्रमाणपत्र न देने वालों को मिलेगी रुकी पेंशन
Pension Update – कानपुर क्षेत्र के हजारों पेंशनधारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और डाक विभाग के बीच हुए समन्वय के बाद अब ऐसे लोगों की रुकी हुई पेंशन दोबारा शुरू की जा रही है, जिन्होंने समय पर जीवन प्रमाणपत्र जमा नहीं कराया था। नई व्यवस्था के तहत पेंशनर या उनके परिवारजन एक फोन कॉल के माध्यम से घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं, जिससे लंबे समय से अटकी पेंशन का रास्ता साफ हो रहा है।

बड़ी संख्या में पेंशनधारकों की पेंशन थी बंद
कानपुर क्षेत्र में ईपीएफओ से जुड़े कुल 87 हजार से अधिक पेंशनर हैं। इनमें से 21 हजार से ज्यादा लोगों की पेंशन केवल इसलिए रुकी हुई है क्योंकि उनका डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र विभाग तक नहीं पहुंच पाया था। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में पेंशनर की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन विभाग को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। इसके चलते उनके आश्रित भी पारिवारिक पेंशन के लाभ से वंचित रह गए।
घर-घर पहुंचकर जुटाई जा रही जानकारी
नई पहल के तहत डाक विभाग के कर्मचारी पेंशनरों के घर जाकर उनकी स्थिति का सत्यापन कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित पेंशनर जीवित हैं या नहीं और यदि उनका निधन हो चुका है तो उनके आश्रितों को नियमानुसार लाभ दिलाया जा सके। इस प्रक्रिया से उन परिवारों को भी मदद मिल रही है जो जानकारी के अभाव में वर्षों से पेंशन प्राप्त नहीं कर पा रहे थे।
पांच साल से अधिक समय से निष्क्रिय मामलों पर विशेष ध्यान
ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार, कानपुर परिक्षेत्र में करीब 9,200 ऐसे पेंशनर हैं जिन्होंने पांच वर्ष या उससे अधिक समय से पेंशन नहीं ली है। विभाग ने ऐसे मामलों की पहचान कर सत्यापन अभियान शुरू किया है। डाक कर्मचारियों को इन लाभार्थियों तक पहुंचने और आवश्यक दस्तावेज जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि पात्र लोगों को उनका बकाया लाभ मिल सके।
परिवारों को भी मिलेगा लाभ
अभियान के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां पेंशनर के निधन के बाद उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन नहीं मिल रही थी। अधिकारियों का कहना है कि अब मृतक कर्मचारियों की पत्नी, पति या पात्र बच्चों को पेंशन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नियमों के अनुसार, आश्रित बच्चों को निर्धारित आयु सीमा तक आर्थिक सहायता का लाभ मिलता है।
जागरूकता की कमी भी बनी वजह
कई पेंशनधारकों ने बताया कि उन्हें हर वर्ष जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने की अनिवार्यता की जानकारी नहीं थी। इसी कारण उनकी पेंशन बंद हो गई थी। विभाग अब ऐसे लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी काम कर रहा है, ताकि भविष्य में किसी पात्र व्यक्ति को पेंशन से वंचित न होना पड़े।
पेंशन योजना के प्रमुख प्रावधान
कर्मचारी पेंशन योजना-1995 के तहत पात्र कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन दी जाती है। इस योजना का लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है जिन्होंने निर्धारित अवधि तक सेवा की हो और आवश्यक शर्तें पूरी की हों। कर्मचारी के निधन के बाद उसके आश्रितों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। वर्तमान में न्यूनतम मासिक पेंशन एक हजार रुपये निर्धारित है।
अधिकारियों ने दी जानकारी
क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसे पेंशनर सामने आए हैं जिनकी पेंशन केवल दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण रुकी हुई थी। अब विशेष अभियान के माध्यम से इन मामलों का समाधान किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि पात्र पेंशनधारकों और उनके आश्रितों तक जल्द से जल्द लाभ पहुंचाया जाए।