RamMandirVisit – नवरात्रि पर राष्ट्रपति मुर्मू ने अयोध्या में पूजा की
RamMandirVisit – नवरात्रि के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। अपने दौरे के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और रामलला के दर्शन किए। इस अवसर पर वह मंदिर के दूसरे तल पर आयोजित विशेष धार्मिक अनुष्ठान में भी शामिल हुईं, जहां श्रीराम यंत्र की स्थापना से जुड़े कार्यक्रम संपन्न हो रहे हैं। उनके आगमन को लेकर अयोध्या में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
राष्ट्रपति का विमान सुबह अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरा, जहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति सीधे राम मंदिर पहुंचीं। बताया गया कि वह करीब पांच घंटे अयोध्या में रुकने के बाद मथुरा के लिए रवाना होंगी, जहां उनका आगे का कार्यक्रम निर्धारित है।
राम यंत्र पूजन में हुई सहभागिता
राम मंदिर के दूसरे तल पर स्थापित किए जा रहे श्रीराम यंत्र के पूजन में राष्ट्रपति ने भाग लिया। यह अनुष्ठान कई दिनों से चल रहा था और इसके समापन की प्रक्रिया में राष्ट्रपति की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पूजा के बाद इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति हवन के साथ संपन्न की जानी है।
विशेष यंत्र की धार्मिक महत्ता
मंदिर में स्थापित किया जा रहा श्रीराम यंत्र पंचधातु से निर्मित है और इसे विशेष धार्मिक विधियों के साथ तैयार किया गया है। यह यंत्र कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य द्वारा मंदिर ट्रस्ट को प्रदान किया गया था। स्थापना से पहले इसे विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाकर विधिवत पूजा की गई, जिसके बाद इसे अयोध्या लाया गया।
देशभर में यात्रा के बाद पहुंचा अयोध्या
इस यंत्र को पहले कांचीपुरम में तैयार किया गया और वहां पूजा-अर्चना के बाद इसे तिरुपति ले जाया गया। बाद में देशभर में रथयात्रा के माध्यम से इसे अयोध्या पहुंचाया गया। बताया जाता है कि इसका वजन करीब 150 किलोग्राम है और इसे विशेष धातुओं से तैयार कर उस पर स्वर्ण परत चढ़ाई गई है।
मंदिर परिसर में अन्य धार्मिक गतिविधियां
राम मंदिर परिसर में श्रीराम नाम से जुड़ी एक विशेष पट्टिका भी स्थापित की जा रही है, जिसे चांदी में तैयार किया गया है और उस पर स्वर्ण अक्षरों में राम नाम अंकित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम के नाम का महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है और इसी भावना के तहत यह स्थापना की जा रही है।
अनुष्ठान का सात दिवसीय क्रम पूरा
पिछले कई दिनों से चल रहे इस धार्मिक आयोजन में विभिन्न विधियों के तहत पूजा और यज्ञ किए गए। अलग-अलग चरणों में देवताओं का आह्वान, मंडप पूजन, यज्ञाहुति और अन्य धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। अंतिम दिन प्रायश्चित आहुति और पूर्णाहुति के साथ यह अनुष्ठान पूरा किया जा रहा है।
मथुरा दौरे का भी कार्यक्रम
अयोध्या में कार्यक्रम पूरा करने के बाद राष्ट्रपति मथुरा के लिए रवाना होंगी, जहां वह इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके अलावा अगले दिन उनका संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात का कार्यक्रम भी तय है।