BPSCRecruitment – TRE-4 में लागू होगी जिलावार नियुक्ति की नई व्यवस्था
BPSCRecruitment – बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के चौथे चरण को लेकर अहम बदलाव की तैयारी है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित होने वाली TRE-4 भर्ती में इस बार चयन प्रक्रिया को पहले से अलग ढंग से लागू करने की योजना बनाई जा रही है। नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को जिलावार विकल्प देने के साथ-साथ मेरिट के आधार पर ही नियुक्ति दी जाएगी।

जिलावार विकल्प भरना होगा अनिवार्य
इस बार आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अभ्यर्थियों को राज्य के सभी 38 जिलों का विकल्प भरने का अवसर दिया जाएगा। पहले जहां सीमित विकल्प होते थे, वहीं अब उम्मीदवार अपनी प्राथमिकता के अनुसार जिलों का चयन कर सकेंगे। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो अभ्यर्थी जिला विकल्प नहीं भरेंगे, उन्हें किसी भी जिले के लिए चयनित नहीं किया जाएगा।
मेरिट के आधार पर होगा जिला आवंटन
नई व्यवस्था के अनुसार, अभ्यर्थियों को उनकी मेधा सूची के आधार पर जिलों का आवंटन किया जाएगा। जिस जिले में जितनी रिक्तियां होंगी, उसी अनुपात में उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का भी पूरी तरह पालन किया जाएगा, जिससे सभी वर्गों को निर्धारित हिस्सेदारी मिल सके।
ट्रांसफर की समस्या कम करने पर जोर
TRE-4 में एक और महत्वपूर्ण बदलाव अल्फाबेटिकल सिस्टम को हटाने को लेकर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि नियुक्ति के बाद बार-बार ट्रांसफर की मांग कम हो। शिक्षा विभाग और आयोग के बीच हुई बैठकों में इस पर विस्तार से चर्चा की गई है। योजना यह है कि जिस जिले में अभ्यर्थी की नियुक्ति होगी, वहीं उन्हें सेवा देनी होगी।
कुल रिक्तियों का आंकड़ा और विभागीय स्थिति
चौथे चरण की भर्ती में कुल 46,595 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है। इनमें से लगभग 45,000 पद शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा 1 से 12 तक के लिए हैं। इसके अलावा अन्य विभागों जैसे पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-जनजाति और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में भी करीब 1,500 से अधिक पद शामिल किए गए हैं।
परीक्षा और परिणाम की संभावित तिथि
आयोग के संभावित कैलेंडर के अनुसार TRE-4 की परीक्षा सितंबर 2026 में 22 से 27 तारीख के बीच आयोजित की जा सकती है। वहीं, परीक्षा परिणाम नवंबर तक जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही तिथियां अंतिम रूप से स्पष्ट होंगी।
अभ्यर्थियों का प्रदर्शन और मांग
विज्ञापन जारी करने में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। पटना में बड़ी संख्या में छात्रों ने मार्च निकालकर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आयोग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
बाद में छात्र प्रतिनिधियों और बीपीएससी अधिकारियों के बीच बातचीत हुई, जिसमें यह आश्वासन दिया गया कि शिक्षा विभाग के साथ बैठक के बाद अधियाचना मिलते ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि मार्च के अंत तक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हो सकता है।
लंबे इंतजार के बाद बढ़ी उम्मीद
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से इस भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। कई बार घोषणा होने के बावजूद विज्ञापन जारी नहीं होने से निराशा बढ़ी है। ऐसे में अब नई व्यवस्था और संभावित समयसीमा से उम्मीदवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
TRE-4 में प्रस्तावित ये बदलाव न केवल चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम माने जा रहे हैं, बल्कि इससे भविष्य में प्रशासनिक समस्याओं को भी कम करने की कोशिश की जा रही है।