BookLaunch – शिवराज की किताब में सामने आए पीएम मोदी से जुड़े प्रसंग
BookLaunch – केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की नई पुस्तक ‘अपनापन’ के कुछ अंश सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। इस पुस्तक में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने लंबे राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े कई अनुभव साझा किए हैं। किताब में मध्य प्रदेश की राजनीति, चुनावी दौर के तनाव और प्रधानमंत्री के साथ हुई निजी बातचीत का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ा खास प्रसंग
पुस्तक में शिवराज सिंह चौहान ने दिसंबर 2023 में मध्य प्रदेश की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि जब मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का ध्यान नए मुख्यमंत्री की ओर चला गया था। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे अलग से बातचीत करते हुए दिल्ली आने के लिए कहा था। चौहान के अनुसार, उस समय उन्हें इस बातचीत का महत्व समझ नहीं आया, लेकिन कुछ महीनों बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर उन्हें महसूस हुआ कि प्रधानमंत्री ने पहले ही उनके लिए नई भूमिका तय कर ली थी।
पहलगाम हमले के बाद की बैठक का जिक्र
किताब में एक अन्य प्रसंग में शिवराज सिंह चौहान ने पहलगाम हमले के बाद हुई कैबिनेट बैठक का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि उस समय माहौल काफी गंभीर था और सभी के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता थी। चौहान के मुताबिक प्रधानमंत्री विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद बैठक में पहुंचे और बेहद शांत लेकिन दृढ़ अंदाज में कार्रवाई की बात कही। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री के शब्दों में गुस्से के बजाय स्पष्ट संकल्प दिखाई दे रहा था।
चुनावी दौर की मानसिक स्थिति पर चर्चा
पुस्तक में 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों का भी जिक्र है। शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि जब शुरुआती उम्मीदवारों की सूची जारी हुई और उसमें उनका नाम नहीं था, तब राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। इसी दौरान उनके एक पुराने बयान को लेकर विपक्ष ने उन पर निशाना साधा। चौहान के अनुसार, सोशल मीडिया पर यह प्रचार किया गया कि उनका राजनीतिक सफर खत्म हो चुका है।
उन्होंने लिखा कि उस दौर में विपक्षी दलों की टिप्पणियों से ज्यादा उन्हें अपने कार्यकर्ताओं के मनोबल की चिंता थी। उनका मानना था कि गलत संदेश जाने से पार्टी के अंदर भ्रम की स्थिति बन सकती है।
प्रधानमंत्री का फोन और निजी बातचीत
किताब के सबसे चर्चित हिस्सों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई फोन बातचीत का जिक्र शामिल है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि चुनाव प्रचार के व्यस्त कार्यक्रम के बीच प्रधानमंत्री ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया। उन्होंने लिखा कि बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उन्हें मुख्यमंत्री कहकर नहीं, बल्कि आत्मीयता के साथ “अपने शिवराज” कहकर संबोधित किया।
चौहान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने उनसे मानसिक रूप से शांत रहने और कुछ समय खुद के लिए निकालने की सलाह दी। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें किसी आध्यात्मिक स्थान पर जाकर मन को स्थिर करने का सुझाव दिया था। चौहान ने जवाब में कहा कि उन्हें किसी पद या आश्वासन की जरूरत नहीं है, वह केवल काम करना चाहते हैं।
उत्तराखंड प्रवास का अनुभव
प्रधानमंत्री की सलाह मानते हुए शिवराज सिंह चौहान कुछ समय के लिए उत्तराखंड गए। किताब में उन्होंने लिखा कि ऋषिकेश के पास गंगा किनारे बिताए गए शांत क्षणों ने उन्हें मानसिक रूप से संतुलित होने में मदद की। उनके अनुसार, उस दौरान उन्हें यह समझ आया कि प्रधानमंत्री की चिंता केवल व्यक्तिगत नहीं थी, बल्कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल को लेकर भी सजग थे।
जल्द होगा पुस्तक का औपचारिक विमोचन
‘अपनापन’ नामक इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन 26 मई को नई दिल्ली में किया जाएगा। कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पुस्तक को भाजपा नेतृत्व और संगठन के भीतर रिश्तों को समझने के नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।