CabinetExpansion – पश्चिम बंगाल में सोमवार को मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी
CabinetExpansion – पश्चिम बंगाल में सरकार के विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि सोमवार को राज्य मंत्रिपरिषद का पूर्ण गठन किया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि जनता के जनादेश से बनी सरकार अब अपने मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने जा रही है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 35 नए मंत्री राज्य सचिवालय नबन्न में आयोजित समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

मुख्यमंत्री की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह सोमवार सुबह 11 बजे आयोजित होगा। इस अवसर पर राज्यपाल आर.एन. रवि नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। हालांकि विस्तार से पहले संभावित मंत्रियों के नामों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है।
विस्तार के बाद बढ़ेगी मंत्रिपरिषद की संख्या
नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद राज्य मंत्रिमंडल का आकार काफी बढ़ जाएगा। मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 41 तक पहुंचने की संभावना है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार किसी राज्य में मंत्रियों की संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के निर्धारित प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सदस्य हैं। इस आधार पर मंत्रिपरिषद के आकार की अधिकतम सीमा 44 निर्धारित होती है। ऐसे में प्रस्तावित विस्तार संवैधानिक सीमा के भीतर रहेगा और सरकार को विभिन्न विभागों के संचालन में व्यापक प्रतिनिधित्व देने का अवसर मिलेगा।
कई प्रमुख नेताओं के नाम चर्चा में
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल में कुछ वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। भाजपा में शामिल हुए कई अनुभवी नेताओं के नाम संभावित मंत्रियों की सूची में बताए जा रहे हैं। इनमें तापस रॉय, शंकर घोष और स्वपन दासगुप्ता जैसे नेताओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
इसके अलावा बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह और भाजपा नेता रितेश तिवारी का नाम भी संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अंतिम सूची शपथ ग्रहण से पहले या समारोह के दौरान ही स्पष्ट हो सकती है।
महिला प्रतिनिधित्व पर भी रहेगा फोकस
सूत्रों का कहना है कि नए मंत्रिमंडल में महिला नेताओं को भी पर्याप्त अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। कुछ महिला विधायकों के नामों को लेकर चर्चा चल रही है, जिनमें रूपा गांगुली और चंदना बाउरी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल का गठन करना चाहती है। इसी वजह से विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर जोर
बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल गठन में केवल राजनीतिक अनुभव ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को भी महत्व दिया जाएगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं और अन्य सामाजिक समूहों को पर्याप्त भागीदारी देने का प्रयास किया जा सकता है।
उत्तर बंगाल और दक्षिण-पश्चिम बंगाल जैसे क्षेत्रों को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। सरकार का उद्देश्य विभिन्न इलाकों और समुदायों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल कर संतुलित प्रशासनिक ढांचा तैयार करना बताया जा रहा है।
चुनावी जीत के बाद सरकार का अगला कदम
विधानसभा चुनाव में जीत के बाद राज्य में नई राजनीतिक व्यवस्था की शुरुआत हुई थी। 9 मई को शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उसी दिन कुछ मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई थी। अब पूर्ण मंत्रिमंडल के गठन के साथ सरकार प्रशासनिक कार्यों को और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
आने वाले दिनों में विभागों के आवंटन और सरकार की प्राथमिकताओं पर भी नजर रहेगी, क्योंकि यह विस्तार नई सरकार के कामकाज की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।