राष्ट्रीय

Citizenship – नए नियमों में अनिवार्य होगा विदेशी पासपोर्ट जानकारी देना…

Citizenship – केंद्र सरकार ने नागरिकता से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करते हुए आवेदन प्रक्रिया में कुछ नई शर्तें जोड़ी हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक अब कुछ श्रेणी के आवेदकों को यह स्पष्ट करना होगा कि उनके पास पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश का पासपोर्ट है या नहीं। यदि किसी आवेदक के पास इन देशों का वैध या समाप्त हो चुका पासपोर्ट पाया जाता है, तो नागरिकता मिलने के बाद उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर सरेंडर करना होगा।

citizenship foreign passport rule update

सरकार ने यह बदलाव नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत लागू किए गए संशोधित नियमों में शामिल किया है। मंत्रालय का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। नए नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद प्रभावी माने जाएंगे।

आवेदन के दौरान देनी होगी पूरी जानकारी

संशोधित प्रावधानों के अनुसार, नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों को यह बताना अनिवार्य होगा कि उनके पास पाकिस्तान, अफगानिस्तान या बांग्लादेश का कोई पासपोर्ट रहा है या नहीं। इसमें वैध और एक्सपायर दोनों तरह के पासपोर्ट शामिल किए गए हैं।

यदि आवेदक के पास ऐसा दस्तावेज है, तो उसे पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, जारी करने वाले स्थान और समाप्ति की तारीख जैसी जानकारी भी देनी होगी। गृह मंत्रालय का मानना है कि इससे रिकॉर्ड सत्यापन और दस्तावेजों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

नागरिकता मिलने के बाद सरेंडर करना होगा पासपोर्ट

नोटिफिकेशन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नागरिकता मंजूर होने के बाद संबंधित विदेशी पासपोर्ट को 15 दिनों के भीतर जमा करना होगा। इसके लिए आवेदकों को लिखित सहमति भी देनी होगी कि वे अपना विदेशी पासपोर्ट संबंधित डाक अधिकारी या निर्धारित विभाग के पास जमा करेंगे।

मंत्रालय के अधिकारियों ने इस संशोधन को प्रशासनिक प्रक्रिया को मजबूत करने वाला कदम बताया है। उनका कहना है कि नागरिकता से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड प्रबंधन और पहचान सत्यापन को अधिक भरोसेमंद बनाने के लिए यह बदलाव आवश्यक माना गया।

ऑनलाइन प्रक्रिया और e-OCI व्यवस्था को बढ़ावा

गृह मंत्रालय इससे पहले भी नागरिकता और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी OCI से जुड़े नियमों में बदलाव कर चुका है। हाल में e-OCI कार्ड की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने पर जोर दिया गया।

सरकार का उद्देश्य कागजी प्रक्रियाओं को कम करना और डिजिटल माध्यम से पहचान संबंधी सेवाओं को आसान बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, इससे विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को दस्तावेजी प्रक्रिया में अधिक सुविधा मिलेगी।

बायोमेट्रिक और पहचान सत्यापन पर फोकस

नए नियमों में बायोमेट्रिक डेटा से जुड़े प्रावधानों को भी महत्व दिया गया है। अब कुछ मामलों में आवेदकों को अपनी बायोमेट्रिक जानकारी साझा करने की सहमति देनी होगी। सरकार का कहना है कि इससे पहचान सत्यापन और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

इसके अलावा नाबालिगों के दोहरे पासपोर्ट और दस्तावेजों से जुड़े नियमों को भी पहले की तुलना में अधिक सख्त किया गया है। मंत्रालय का मानना है कि डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया अपनाने से नागरिकता और OCI सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा आवेदन प्रक्रिया तेज होगी।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.