Congress – केरल में मुख्यमंत्री चयन को लेकर कांग्रेस में मंथन तेज
Congress – केरल विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस अब मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसले की ओर बढ़ रही है। 63 सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है। गुरुवार को तिरुअनंतपुरम में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें विधायकों ने अपनी राय रखी और कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में आए। हालांकि मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान के भरोसे छोड़ दिया गया है।

विधायक दल की बैठक में बनी सहमति
तिरुअनंतपुरम में हुई बैठक के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों से व्यक्तिगत रूप से भी बातचीत की। पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक और कोषाध्यक्ष अजय माकन ने अलग-अलग विधायकों से मुलाकात कर उनकी राय जानी। बैठक के बाद यह तय किया गया कि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अंतिम अधिकार केंद्रीय नेतृत्व के पास रहेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने प्रस्ताव रखा कि हाईकमान ही नेता का चयन करे, जिसका समर्थन वीडी सतीशन ने किया।
दिल्ली भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, केरल में हुई चर्चाओं और विधायकों की राय को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी आपसी विचार-विमर्श के बाद अंतिम नाम पर फैसला करेंगे। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों में मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा हो सकती है।
कई नेताओं के नाम चर्चा में
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में विपक्ष के नेता रहे वीडी सतीशन का नाम सबसे मजबूत माना जा रहा है। संगठन और विधायकों के बीच उनकी पकड़ को उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है। इसके अलावा केसी वेणुगोपाल का नाम भी गंभीरता से लिया जा रहा है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनके करीबी संबंधों को देखते हुए उनकी दावेदारी को भी मजबूत माना जा रहा है। वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ के नाम भी चर्चा में बने हुए हैं।
वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग मुलाकातें
दिल्ली रवाना होने से पहले मुकुल वासनिक और अजय माकन ने वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला, के सुधाकरण और वीएम सुधीरन सहित कई वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग बातचीत की। इन बैठकों में संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और गठबंधन सहयोगियों की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मुख्यमंत्री चयन के बाद किसी तरह का असंतोष सामने न आए।
सहयोगी दलों की राय भी अहम
कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री चयन से पहले सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की राय भी ले सकता है। केरल की राजनीति में गठबंधन सहयोगियों की भूमिका काफी अहम मानी जाती है, इसलिए पार्टी किसी भी निर्णय से पहले व्यापक सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रदेश नेता और सांसद भी दिल्ली पहुंच सकते हैं ताकि केंद्रीय नेतृत्व के साथ सीधे बातचीत की जा सके।
सतीशन के समर्थन में दिखी हलचल
राज्य के कुछ हिस्सों में वीडी सतीशन के समर्थन में कार्यकर्ताओं की ओर से प्रदर्शन और समर्थन अभियान की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व फिलहाल सार्वजनिक बयानबाजी से बचते हुए संगठनात्मक एकजुटता पर जोर दे रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के बाद सभी नेता मिलकर सरकार गठन और आगे की रणनीति पर काम करेंगे।