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Earthquake News – जम्मू-कश्मीर और अंडमान में सुबह-सुबह महसूस हुए भूकंप के झटके

Earthquake News – भारत के दो अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहला झटका जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में दर्ज किया गया, जबकि कुछ घंटे पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भी भूकंपीय गतिविधि से प्रभावित हुआ। दोनों ही मामलों में भूकंप की तीव्रता मध्यम श्रेणी में रही और फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

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जम्मू-कश्मीर में तड़के महसूस हुआ कंपन

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह लगभग 5 बजकर 35 मिनट पर जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई। इस भूकंप का केंद्र बारामूला के पत्तन इलाके के आसपास बताया गया है। उस समय अधिकतर लोग अपने घरों में सो रहे थे, क्योंकि क्षेत्र में कड़ाके की ठंड का मौसम जारी है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे कई इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, झटकों की अवधि कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने भी पुष्टि की है कि फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान या ढांचागत क्षति की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर भूकंप की दृष्टि से देश के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के संपर्क क्षेत्र के करीब स्थित है, जिस कारण यहां समय-समय पर भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्यम तीव्रता के भूकंप इस क्षेत्र में असामान्य नहीं हैं, लेकिन फिर भी सतर्कता बरतना जरूरी माना जाता है।

राज्य आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भूकंप

इसी दिन सुबह करीब 3 बजकर 30 मिनट पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। यहां भी भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

अधिकारियों ने बताया कि द्वीप समूह के कुछ इलाकों में हल्का कंपन महसूस किया गया, लेकिन कहीं से किसी तरह की क्षति की खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

भूकंपीय जोन V में आता है अंडमान क्षेत्र

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह देश के सबसे अधिक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हैं। भूकंपीय जोनिंग के अनुसार, यह इलाका जोन V में वर्गीकृत है, जिसे अत्यधिक जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। यहां टेक्टोनिक गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहती हैं, जिस कारण भूकंप की घटनाएं समय-समय पर दर्ज होती रहती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मध्यम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर बड़े झटकों का संकेत नहीं होते, लेकिन ऐसे क्षेत्रों में सतर्कता और आपदा प्रबंधन की तैयारियां लगातार बनाए रखना आवश्यक है।

प्रशासन की अपील और मौजूदा स्थिति

दोनों ही स्थानों पर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी तरह की आपात स्थिति की आवश्यकता नहीं पड़ी है और सभी संबंधित विभागों को एहतियातन सतर्क रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहों से बचें।

भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं को देखते हुए विशेषज्ञ समय-समय पर सुरक्षित व्यवहार और आपदा जागरूकता पर जोर देते रहे हैं, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

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