राष्ट्रीय

Education Reform – अभिजीत दीपके ने रोजगार और शिक्षा मुद्दों पर उठाई आवाज

Education Reform – दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए हालिया प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने की जरूरत पर जोर दिया है। छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए और सार्वजनिक नीतियों का फोकस भी इन्हीं विषयों की ओर होना चाहिए।

education reform jobs and youth issues

दीपके ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों और युवाओं के रोजगार संबंधी सवालों को प्रमुख चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवा बेहतर अवसरों और पारदर्शी व्यवस्था की अपेक्षा रखते हैं।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर जताई चिंता

संवाददाता सम्मेलन के दौरान दीपके ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़े विवादों का उल्लेख किया। उन्होंने इन मामलों में जवाबदेही तय करने की आवश्यकता बताई और कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर संस्थागत पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली और शिक्षा प्रशासन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है।

रोजगार को बताया प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दा

अभिजीत दीपके ने कहा कि बेरोजगारी आज के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उनका मानना है कि सार्वजनिक विमर्श में रोजगार सृजन, कौशल विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों को अधिक प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं और इन दोनों क्षेत्रों में सुधार के बिना युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करना कठिन होगा। इसी कारण उन्होंने इन मुद्दों को अपने आंदोलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल करने की बात कही।

जंतर-मंतर प्रदर्शन का किया उल्लेख

दीपके ने हाल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया था और इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं ने भाग लिया।

उनके अनुसार, प्रदर्शन का उद्देश्य किसी राजनीतिक टकराव को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करना था। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और विचार व्यक्त करना नागरिकों का अधिकार है।

आंदोलन को बताया गैर-राजनीतिक

अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि उनका मंच किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पहल मुख्य रूप से युवा पीढ़ी, विशेषकर जेनरेशन जेड, की चिंताओं और अपेक्षाओं को सामने रखने के लिए शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के लोग उनकी मांगों का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन संगठन स्वयं किसी दल से प्रत्यक्ष रूप से नहीं जुड़ेगा। उनका दावा है कि आंदोलन का उद्देश्य केवल नीति और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संवाद बढ़ाना है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी दी प्रतिक्रिया

संवाददाता सम्मेलन के दौरान दीपके ने कुछ राजनीतिक नेताओं की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन का मूल्यांकन उसके उद्देश्यों और कार्यप्रणाली के आधार पर होना चाहिए। उनके अनुसार, सार्वजनिक चर्चा में असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन मुद्दों पर सार्थक बहस अधिक महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और शिक्षा व रोजगार जैसे विषयों पर व्यापक राष्ट्रीय चर्चा होनी चाहिए।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.