EncroachmentDrive – पार्टी ने खुद हटाया सरकारी जमीन पर बना BJP के कार्यालय का हिस्सा
EncroachmentDrive – पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक अलग तरह का मामला सामने आया है। हेमताबाद क्षेत्र में प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन खाली कराने के निर्देश जारी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने पार्टी कार्यालय के उस हिस्से को स्वयं हटाने का निर्णय लिया, जो जांच में सरकारी भूमि पर बना पाया गया था।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इलाके में सड़क किनारे मौजूद अवैध निर्माणों को हटाने के लिए प्रशासन अभियान चला रहा है। स्थानीय स्तर पर इस कदम की चर्चा हो रही है क्योंकि संबंधित ढांचे को हटाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार नहीं किया गया।
प्रशासन के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, हेमताबाद ब्लॉक प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों की पहचान कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसी क्रम में विभिन्न निर्माणों का सर्वेक्षण कराया गया।
जांच के दौरान राज्य राजमार्ग के किनारे स्थित भाजपा के ब्लॉक कार्यालय का एक हिस्सा निर्धारित सरकारी सीमा के भीतर पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थानीय पार्टी नेतृत्व ने संबंधित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने का फैसला लिया।
कार्यकर्ताओं ने खुद संभाली जिम्मेदारी
मंगलवार को पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कार्यालय के उस हिस्से को हटाने का काम शुरू किया गया। स्थानीय नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय स्वयं निर्माण को हटाकर भूमि खाली कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्यकर्ता आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्धारित क्षेत्र में बने ढांचे को हटाने की प्रक्रिया पूरी की। कुछ ही समय में उस हिस्से को पूरी तरह खाली कर दिया गया, जिसे सरकारी भूमि का हिस्सा बताया गया था।
सड़क चौड़ीकरण और सार्वजनिक सुविधा से जुड़ा अभियान
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, राज्य राजमार्ग के दोनों ओर निर्धारित दूरी तक मौजूद अतिक्रमणों को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और सड़क विस्तार से जुड़े कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाना है।
अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे बने सभी अवैध ढांचों को एक समान नियमों के तहत हटाया जा रहा है। इसी कारण विभिन्न संस्थानों, दुकानों और अन्य निर्माणों की भी जांच की गई है।
भाजपा नेतृत्व ने कानून पालन की बात कही
स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रशासन के निर्देशों का सम्मान करना सभी नागरिकों और संगठनों की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि जब यह स्पष्ट हो गया कि कार्यालय का एक हिस्सा सरकारी भूमि पर बना हुआ है, तब उसे हटाने का निर्णय लिया गया।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण हटाने से प्रभावित छोटे व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्वास जैसी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जाना चाहिए।
व्यापारियों ने भी दिखाई पहल
इस अभियान का असर आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी देखने को मिला। कई दुकानदारों ने प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होने से पहले ही अपने निर्माणों के उन हिस्सों को हटाना शुरू कर दिया जो सरकारी भूमि के दायरे में आ रहे थे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की इस पहल से प्रशासनिक प्रक्रिया आसान हो सकती है और विवाद की संभावनाएं भी कम होती हैं।
प्रशासन ने पहले ही जारी किए थे नोटिस
हेमताबाद प्रशासन का कहना है कि यह अभियान पूर्व सूचना के साथ शुरू किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, लोगों को नोटिस देने के अलावा सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से भी सरकारी जमीन खाली करने के लिए लगातार जागरूक किया गया था।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और यदि कहीं सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हेमताबाद की यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे प्रशासनिक निर्देशों के पालन के एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।