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ExamReforms – NTA परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अगुआई में नई टास्क फोर्स

ExamReforms- केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को घोषणा की कि NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में व्यापक सुधारों के लिए एक हाई-पावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि करेंगे। सरकार का कहना है कि विशेषज्ञों का यह समूह परीक्षा प्रक्रिया को आधुनिक बनाने और तकनीक के प्रभावी उपयोग से व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए सुझाव देगा।

nta exam reforms task force

तकनीक और सुरक्षा पर रहेगा मुख्य फोकस

प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि नई टास्क फोर्स का उद्देश्य ऐसी परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिसमें पारदर्शिता और विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उनके अनुसार, समिति तकनीकी सुधारों, डिजिटल सुरक्षा और परीक्षा संचालन से जुड़े संरचनात्मक बदलावों पर सुझाव तैयार करेगी। सरकार इन सिफारिशों के आधार पर NTA की परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी।

कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों को किया गया शामिल

सरकार ने इस टास्क फोर्स में तकनीक, शिक्षा, अंतरिक्ष, सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञों को जगह दी है। समिति में नंदन नीलेकणि के अलावा इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, खुफिया ब्यूरो के पूर्व निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और वरिष्ठ प्रशासक अमृत लाल मीणा शामिल हैं। सरकार का मानना है कि अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लाने में सहायक होगा।

नंदन नीलेकणि को मिली अहम जिम्मेदारी

नंदन नीलेकणि देश के प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के अग्रणी नामों में गिने जाते हैं। इंफोसिस के सह-संस्थापक के रूप में उन्होंने भारतीय आईटी उद्योग को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष के रूप में उन्होंने आधार परियोजना का नेतृत्व किया, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणालियों में शामिल किया जाता है। डिजिटल गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें इस समिति की कमान सौंपी गई है।

अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा और शिक्षा क्षेत्र का अनुभव

टास्क फोर्स में शामिल पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने अपने कार्यकाल में चंद्रयान-3 और आदित्य-एल1 जैसे महत्वपूर्ण मिशनों का नेतृत्व किया। वहीं, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी कंप्यूटर विज्ञान, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में लंबे समय से शोध कर रहे हैं। इन विशेषज्ञों की मौजूदगी से परीक्षा प्रणाली की तकनीकी सुरक्षा और डिजिटल ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रशासनिक अनुभव भी बनेगा अहम आधार

समिति में शामिल पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और स्कूली शिक्षा से जुड़े कई प्रमुख कार्यक्रमों का नेतृत्व कर चुकी हैं। वहीं, अमृत लाल मीणा को प्रशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र का व्यापक अनुभव है। सरकार का मानना है कि इन दोनों अधिकारियों की विशेषज्ञता परीक्षा संचालन, प्रशासनिक समन्वय और संस्थागत सुधारों को प्रभावी बनाने में उपयोगी साबित होगी। नई टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर भविष्य में NTA की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में आगे कदम उठाए जाएंगे।

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