FishingBoat – बंगाल की खाड़ी में ट्रॉलर हादसे में नौ मछुआरों की हुई मौत, घोषित हुई राहत सहायता
FishingBoat- पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बक्खाली तट के पास बंगाल की खाड़ी में हुए ट्रॉलर हादसे में अब तक नौ मछुआरों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन के अनुसार, अभी भी छह मछुआरे लापता हैं और उनकी तलाश के लिए राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

खराब मौसम के बीच हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ‘मां काली’ नाम का ट्रॉलर समुद्र में खराब मौसम की चपेट में आने के बाद पलट गया। हादसे के समय नाव पर कुल 15 मछुआरे सवार थे। यह ट्रॉलर 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के दीघा स्थित शंखपुर मत्स्य बंदरगाह से मछली पकड़ने के लिए रवाना हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, 5 जुलाई के बाद ट्रॉलर से संपर्क पूरी तरह टूट गया, जिसके बाद खोज अभियान शुरू किया गया।
आठ दिन बाद मिला डूबा हुआ ट्रॉलर
लगातार आठ दिनों तक चले खोज अभियान के बाद रविवार को बक्खाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर ‘बाघेर चर’ क्षेत्र में डूबा हुआ ट्रॉलर मिला। भारतीय तटरक्षक बल, पुलिस, वन विभाग और स्थानीय मछुआरों की संयुक्त टीम ने ट्रॉलर की पहचान की और उसे सुरक्षित तट तक लाने की कार्रवाई की। इसके बाद बचावकर्मियों ने पूरी रात ट्रॉलर के भीतर फंसे लोगों की तलाश का काम जारी रखा।
नौ शव बरामद, तलाश अभी जारी
अधिकारियों ने बताया कि अब तक नौ मछुआरों के शव निकाले जा चुके हैं। सभी शवों को पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए काकद्वीप उप-मंडलीय अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि ट्रॉलर के भीतर या आसपास अन्य लोगों के फंसे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी वजह से खोज अभियान को जारी रखा गया है और लापता छह मछुआरों की तलाश युद्धस्तर पर चल रही है।
परिजन पहुंचे घटनास्थल, सरकार ने लिया जायजा
ट्रॉलर मिलने की सूचना मिलते ही मृतकों और लापता मछुआरों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय मछुआरा समुदाय ने भी राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग किया और क्षतिग्रस्त ट्रॉलर को किनारे तक लाने में मदद की। सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने मौके का दौरा कर बचाव अभियान की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली।
प्रभावित परिवारों को सहायता का भरोसा
राज्य सरकार ने कहा है कि जब तक सभी लापता मछुआरों का पता नहीं चल जाता, तब तक खोज अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच भी की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।