MumbaiCrime – भायखला मुहर्रम जुलूस मामले में जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आए
MumbaiCrime – मुंबई के भायखला इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान संदिग्ध कैप्सूल बांटने के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी से पूछताछ के आधार पर कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर दर्द निवारक दवा बताकर लोगों को कैप्सूल दे रहा था। समय रहते स्थानीय महिलाओं को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी और आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया गया।

सतर्कता से टला बड़ा हादसा
पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने आरोपी से मिले कैप्सूल का सेवन कर लिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित पुलिस कार्रवाई के कारण संभावित रूप से बड़ा हादसा टल गया। मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों को वैज्ञानिक तरीके से परखा जा रहा है।
जांच में जहरीले रसायन के इस्तेमाल का दावा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि कैप्सूल में जिंक फॉस्फाइड नामक रसायन मिलाया गया था। इस पदार्थ का उपयोग सामान्यतः चूहे मारने की दवा तैयार करने में किया जाता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कथित रूप से इस रसायन के बारे में पहले से जानकारी जुटाई थी। हालांकि, जांच पूरी होने तक सभी निष्कर्षों को प्रारंभिक माना जा रहा है।
ऑनलाइन माध्यमों से जानकारी जुटाने का आरोप
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने इंटरनेट, सर्च इंजन और AI आधारित माध्यमों का उपयोग कर विभिन्न रासायनिक पदार्थों के प्रभाव से संबंधित जानकारी एकत्र की थी। अधिकारियों के अनुसार, उसने बड़ी संख्या में खाली कैप्सूल और जिंक फॉस्फाइड की खरीद भी की थी। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से हजारों संदिग्ध कैप्सूल बरामद किए जाने का दावा पुलिस ने किया है, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
विदेश यात्राओं और वित्तीय लेन-देन की भी जांच
जांच एजेंसियां आरोपी की पृष्ठभूमि, विदेश यात्राओं और वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस के अनुसार, वह पुणे के विमान नगर क्षेत्र का निवासी है और पिछले कुछ वर्षों में ईरान तथा इराक की कई यात्राएं कर चुका है। इन यात्राओं और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामले का कोई व्यापक पहलू तो नहीं है। हालांकि, अब तक किसी अंतरराष्ट्रीय साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पड़ोसियों ने मानसिक स्थिति को लेकर कही यह बात
आरोपी के पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि बीते कुछ समय से उसका व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा था। उनका दावा है कि पारिवारिक परिस्थितियों के बाद उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही हैं।
आधिकारिक जांच पूरी होने का इंतजार
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्यों तथा अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस मामले से जुड़ी केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और अपुष्ट दावों या अफवाहों से बचें।