NEETControversy – नीट विवाद पर CJP का केंद्र सरकार को संदेश, आंदोलन तेज होने का दावा…
NEETControversy- नीट परीक्षा विवाद को लेकर देश में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार को जल्द निर्णय लेने की सलाह दी है। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रंका का कहना है कि यदि इस मामले में समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनता का असंतोष और व्यापक रूप ले सकता है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों और अभिभावकों में बढ़ रही नाराजगी अब केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं रह गई है।

बढ़ते विरोध पर CJP की प्रतिक्रिया
इंडिया टुडे से बातचीत के दौरान आशुतोष रंका ने कहा कि नीट विवाद को लंबे समय तक टालना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। उनके अनुसार, देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन जारी हैं और लोगों के बीच इस मुद्दे को लेकर गंभीर चिंता है। उन्होंने इसे ऐसी स्थिति बताया, जिसमें देरी होने पर जनभावनाएं और अधिक तीव्र हो सकती हैं। रंका का कहना था कि सरकार जितनी देर करेगी, विरोध का दायरा उतना ही बढ़ता जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
CJP प्रवक्ता के मुताबिक, आंदोलन कर रहे लोगों की मांग केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। रंका ने दावा किया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में इन दोनों मुद्दों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं, हालांकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर अभी कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है।
सरकार के साथ वार्ता पर क्या कहा
रंका ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि सरकारी प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री के भविष्य को लेकर किसी संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है। उनके अनुसार, इस विषय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखने की बात कही गई है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों पर हाल में दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए CJP प्रवक्ता ने सरकार की प्रतिक्रिया के समय पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि छात्रों के विरोध के बाद भी इस मुद्दे पर सक्रिय कदम उठाने में काफी समय लगा। उन्होंने पूछा कि यदि मामला इतना गंभीर था तो प्रारंभिक चरण में ही निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
आशुतोष रंका ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल राजनीतिक मांगें रखना नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी है। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और इसके लिए संस्थागत स्तर पर व्यापक सुधार किए जाएं। उन्होंने यह भी दोहराया कि मौजूदा परिस्थितियों में शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी को लेकर जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
आंदोलन के विस्तार का दावा
CJP प्रवक्ता का दावा है कि यह विरोध अब केवल उनकी पार्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न राज्यों में छात्र, अभिभावक और अन्य समूह भी अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि आंदोलन का स्वरूप लगातार व्यापक होता जा रहा है और सरकार को सभी पक्षों के साथ संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए। फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।