Culture – त्रिपुरा के राज्यपाल ने सनातन परंपरा और वैश्विक स्वीकार्यता पर रखे विचार
Culture- त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने कहा है कि विश्व स्तर पर भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि आने वाले समय में हिंदू दर्शन और इसकी सांस्कृतिक विरासत का प्रभाव और व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। उन्होंने यह बात धर्मनगर में भगवान जगन्नाथ की उल्टा रथ यात्रा के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

वैश्विक स्तर पर बढ़ती रुचि का किया उल्लेख
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि दुनिया के कई देशों में भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपराओं के प्रति सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो विभिन्न कारणों से पहले अन्य धर्मों की ओर गए थे और अब अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने की इच्छा जता रहे हैं। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर बदलती सामाजिक और सांस्कृतिक सोच का संकेत बताया।
इंडोनेशिया का दिया उदाहरण
अपने वक्तव्य के दौरान राज्यपाल ने इंडोनेशिया का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वहां भारतीय सांस्कृतिक विरासत और हिंदू परंपराओं के प्रति लोगों का जुड़ाव पहले की तुलना में अधिक दिखाई दे रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो के परिवार का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण यह दर्शाते हैं कि कई देशों में लोग अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के प्रति दोबारा रुचि दिखा रहे हैं।
खाड़ी देशों में बदलाव का किया जिक्र
इंद्रसेना रेड्डी नल्लू ने अपने संबोधन में खाड़ी देशों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले जिन क्षेत्रों में हिंदू धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं को लेकर कड़े प्रतिबंधों की चर्चा होती थी, वहां अब परिस्थितियां बदलती नजर आ रही हैं। उनके अनुसार, कई खाड़ी देशों में हिंदू मंदिरों के निर्माण की अनुमति मिलना इस बदलाव का उदाहरण है। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दिया।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर टिप्पणी
राज्यपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और देश आर्थिक, सांस्कृतिक तथा कूटनीतिक स्तर पर अपनी पहचान को विस्तार दे रहा है। उनके अनुसार, भारतीय संस्कृति और मूल्यों को दुनिया के विभिन्न हिस्सों में सम्मान मिलने से भारत की वैश्विक भूमिका भी अधिक प्रभावशाली बनी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत विश्व समुदाय में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
धर्मनगर नगर परिषद की ओर से आयोजित भगवान जगन्नाथ की वापसी यात्रा के उपलक्ष्य में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। टाउन कालीबाड़ी परिसर में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। आयोजन में स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।