राष्ट्रीय

Parliament – मानसून सत्र के अगले चरण के लिए विपक्ष की रणनीति तेज, NEET मुद्दा रहेगा केंद्र में

Parliament- संसद के मानसून सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इससे पहले विपक्षी दलों ने लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों की संयुक्त रणनीति बैठक बुलाने का फैसला किया है। यह बैठक सुबह 10 बजे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में होगी, जिसमें आगामी संसदीय कार्यवाही के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि NEET परीक्षा विवाद और छात्रों से जुड़े हालिया घटनाक्रम बैठक के केंद्र में रहेंगे।

parliament monsoon session strategy 1

छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाने की तैयारी

इंडिया गठबंधन के दलों ने संकेत दिए हैं कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग का मामला संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा। विपक्ष इस विषय पर तत्काल चर्चा की मांग करने की तैयारी में है। तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी उच्च सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्यवाही स्थगित करने का नोटिस दिया है।

गृह मंत्री को राहुल गांधी का पत्र

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांगा है। पत्र में उन्होंने कथित बल प्रयोग की परिस्थितियों और उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने यह भी पूछा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपनाई गई कार्रवाई किस स्तर पर स्वीकृत की गई थी। कांग्रेस का कहना है कि आंदोलन के दौरान कई छात्र घायल हुए और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी अनुचित व्यवहार के आरोप सामने आए।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बदला राजनीतिक माहौल

हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आंदोलन से जुड़ी कुछ मांगों पर सरकार की सहमति के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना धरना समाप्त कर दिया था। हालांकि विपक्ष का कहना है कि केवल मंत्री के इस्तीफे से मामला समाप्त नहीं होता और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक सुधारों के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई की भी निष्पक्ष समीक्षा आवश्यक है। इसी कारण विपक्ष इस मुद्दे को संसद में लगातार उठाने की तैयारी कर रहा है।

सरकार पेश करेगी नया संशोधन विधेयक

दूसरी ओर केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 लोकसभा में पेश करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन में प्रस्तुत करेंगे। प्रस्तावित संशोधनों में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों को शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और मामलों का तेजी से निपटारा संभव होगा।

विशेष अदालतों का प्रस्ताव

विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें नामित करने का अधिकार देने का प्रस्ताव है। इन अदालतों में केवल परीक्षा संबंधी अपराधों की सुनवाई होगी और आरोपपत्र दाखिल होने के बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर मुकदमे पूरे करने का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन परीक्षा सुधार, NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्रालय से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन से यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे, जिन पर अब संसद में भी बहस होने की संभावना है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.