Politics – संसद में इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत ने खींचा सभी का ध्यान
Politics – शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान का राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने विशेष अंदाज में स्वागत किया। संसद परिसर के मकरद्वार पर सहयोगी सांसदों ने उनका अभिनंदन करते हुए पारंपरिक पाग पहनाई और उनके समर्थन में नारे लगाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया, जिसकी राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा हो रही है। विपक्ष के विरोध और सदन में जारी गतिरोध के बीच यह स्वागत अलग संदेश देने वाला माना जा रहा है।

पाग पहनाकर जताया सम्मान
धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचते ही एनडीए सांसदों ने उन्हें पाग पहनाकर सम्मानित किया। भारतीय परंपरा में पाग या पगड़ी सम्मान, आत्मीयता और आदर का प्रतीक मानी जाती है। राजस्थान, मिथिला, गुजरात सहित कई राज्यों में किसी व्यक्ति के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए पाग पहनाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। सांसदों द्वारा इस परंपरा का पालन करते हुए प्रधान का स्वागत किए जाने को राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वागत के राजनीतिक मायने
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद परिसर में हुआ यह स्वागत केवल औपचारिक नहीं था। इसे इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि एनडीए के सांसद धर्मेंद्र प्रधान के फैसले को नैतिक जिम्मेदारी के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। माना जा रहा है कि सहयोगी दलों ने इस सम्मान के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया कि उनका इस्तीफा किसी दबाव का परिणाम नहीं, बल्कि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया व्यक्तिगत निर्णय था।
संसद की कार्यवाही रही बाधित
सोमवार को संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और अंततः दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत की तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा का विषय बने रहे, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म दिखाई दिया।
विरोध प्रदर्शन के बाद दिया था इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में सीजेपी के उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि लोकतंत्र की ताकत और देश के युवाओं की आकांक्षाओं पर उनका हमेशा अटूट विश्वास रहा है। उन्होंने लिखा कि बीते दिनों की घटनाओं ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहत किया, लेकिन उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण देश के विद्यार्थियों और युवाओं का भविष्य है।
विद्यार्थियों के हित को बताया प्राथमिकता
अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और उसे किसी भ्रम या विवाद में नहीं उलझना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में बनी परिस्थितियों का राष्ट्र विरोधी तत्व लाभ न उठा सकें, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। उनके अनुसार, छात्रों का भविष्य किसी कानूनी विवाद या राजनीतिक टकराव में प्रभावित न हो और वे अपनी पढ़ाई तथा करियर पर पूरा ध्यान दे सकें, इसी सोच के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय लिया।
प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार
अपने सार्वजनिक संदेश के अंत में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें लगातार मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग मिलता रहा है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि देशहित तथा विद्यार्थियों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देना उनके सार्वजनिक जीवन का मूल उद्देश्य रहेगा।