ProtestUpdate – दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कड़ी हुई सुरक्षा
ProtestUpdate – कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंच गए। इससे पहले उन्होंने अपने समर्थकों और छात्रों से राजधानी में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि वह सुबह करीब 8 बजे एयरपोर्ट पहुंचे हैं और जंतर-मंतर पर लोगों से मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया।

समर्थकों से किताब, तिरंगा और फूल लाने की अपील
दिल्ली पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने एक संदेश जारी करते हुए कहा कि प्रदर्शन में आने वाले लोग अपने साथ एक किताब और तिरंगा अवश्य लेकर आएं। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए उन्हें फूल भेंट किए जा सकते हैं। उनके अनुसार आंदोलन को शांतिपूर्ण और सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
अभिजीत दीपके की वापसी को देखते हुए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। अंतरराष्ट्रीय आगमन क्षेत्र और बाहर निकलने वाले मार्गों पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और सीआईएसएफ के जवान तैनात रहे। एयरपोर्ट परिसर के कई हिस्सों में बैरिकेड लगाए गए और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
जंतर-मंतर और नई दिल्ली क्षेत्र में सतर्कता
प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस पहले से ही सतर्क है। जंतर-मंतर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद पुलिस ने नई दिल्ली जिले में विशेष इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन के लिए अब तक कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, प्रदर्शन की घोषणा के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां लगातार जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राजधानी को कई सुरक्षा जोनों में बांटा गया
प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र को 12 अलग-अलग जोनों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है। इसके अलावा दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। केंद्रीय मंत्रियों के आवासों और महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
छात्र बहुल इलाकों पर विशेष नजर
सूत्रों के अनुसार पुलिस मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर, जेएनयू, मुनिरका, नेब सराय और लक्ष्मी नगर जैसे छात्र बहुल क्षेत्रों में विशेष निगरानी रख रही है। इसके साथ ही परिवहन व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है और बस संचालकों से संपर्क बनाए रखा गया है ताकि बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही पर आवश्यक जानकारी मिल सके।
हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग वाली एक याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में आशंका जताई गई थी कि प्रदर्शन के कारण कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अदालत ने फिलहाल मामले में तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया।
अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी नजर
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी संकेत दिए हैं कि कुछ परिस्थितियों में वह इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। इससे कार्यक्रम को लेकर सार्वजनिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर रुचि बढ़ी हुई है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन को लेकर आगे क्या प्रशासनिक निर्णय लिए जाते हैं।