SonamWangchuk – अनशन के 19वें दिन विपक्ष का बढ़ा समर्थन, स्वास्थ्य पर बढ़ी चिंता
SonamWangchuk- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक का अनशन अब व्यापक राजनीतिक समर्थन हासिल करता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को उनका अनशन 19वें दिन में पहुंच गया। इसी बीच विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर उनसे मुलाकात की, जबकि कई अन्य नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने भी उनकी सेहत पर चिंता जताते हुए उनकी मांगों के समर्थन में बयान दिए हैं।

जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने वांगचुक को देश का प्रतिष्ठित शिक्षाविद बताते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय से शिक्षा और लद्दाख से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम किया है। केजरीवाल ने कहा कि देशहित में उनका यह आंदोलन गंभीर विषयों की ओर ध्यान आकर्षित करता है और उनके प्रयासों का सम्मान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने भी जताया समर्थन
अब तक इस मुद्दे पर सीमित प्रतिक्रिया देने वाली कांग्रेस ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी ने सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता व्यक्त करते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। साथ ही कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा व्यवस्था और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर उनकी चिंताओं को गंभीर बताते हुए कहा कि इन विषयों पर सरकार को संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और पार्टी नेता जिग्नेश मेवाणी ने भी वांगचुक की मांगों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने की मुलाकात
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन खत्म करने का आग्रह किया। वहीं पार्टी सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और विधायक रागिनी सोनकर सहित कई नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर अपना समर्थन दर्ज कराया। सपा नेताओं ने सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
अन्य विपक्षी दलों का भी मिला साथ
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई। दूसरी ओर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने की बात कही।
किसान संगठनों ने भी दिया समर्थन
राजनीतिक दलों के अलावा किसान संगठनों ने भी इस आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा इस शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करता है और सरकार को प्रदर्शनकारियों की बात सुनने के लिए आगे आना चाहिए।
फिल्म जगत से भी आई प्रतिक्रिया
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के माध्यम से सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि लंबे समय से जारी इस अनशन को देखते हुए अब इस विषय पर सार्वजनिक रूप से बोलना जरूरी महसूस हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों और वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए स्वास्थ्य निगरानी के निर्देश
अनशन लंबा खिंचने और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मामले में हस्तक्षेप किया है। अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन को निर्देश दिया है कि सोनम वांगचुक की नियमित चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित की जाए और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस बीच विपक्षी दल लगातार सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद शुरू करने और मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।