TamilNaduPolitics – विजय सरकार के विस्तार में कांग्रेस को मिल सकती बड़ी भूमिका
TamilNaduPolitics – तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद अब मुख्यमंत्री विजय अपनी कैबिनेट का विस्तार करने की तैयारी में हैं। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मंत्रिपरिषद का विस्तार हो सकता है, जिसमें कांग्रेस को भी सरकार में शामिल किए जाने की संभावना है। यदि ऐसा होता है, तो करीब छह दशक बाद कांग्रेस तमिलनाडु की सत्ता में प्रत्यक्ष रूप से भागीदारी करती नजर आएगी।

हाल ही में विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ तमिझगा वेट्री कषगम (TVK) के नौ विधायकों ने मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। अब सरकार के दूसरे चरण के विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि राज्यपाल वीआर आर्लेकर के लौटने के बाद इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक मौका
तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए काफी अहम माना जा रहा है। 1967 के बाद पहली बार पार्टी के सीधे तौर पर राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने की संभावना बनी है। इससे पहले 2006 में कांग्रेस ने द्रमुक सरकार को समर्थन दिया था, लेकिन तब उसे सरकार में जगह नहीं मिली थी।
इस बार हालात अलग नजर आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने सत्ता साझेदारी को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई है। विजय ने भी सहयोगी दलों को साथ लेकर सरकार चलाने के संकेत दिए हैं, जिसके बाद कांग्रेस की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है।
दो मंत्री पद मिलने की चर्चा
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को सरकार में दो मंत्री पद मिल सकते हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता एस राजेश कुमार का नाम मंत्री पद के लिए सबसे आगे बताया जा रहा है। वहीं दूसरे पद को लेकर पार्टी के भीतर चर्चा जारी है।
दूसरे मंत्री पद के लिए पी विश्वनाथन और महिला विधायक थारगई कथबर्ट के नाम सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के समर्थक पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हैं। अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान और मुख्यमंत्री विजय की सहमति के बाद ही होगा।
राज्यसभा सीट पर भी निगाह
कांग्रेस केवल मंत्री पदों तक सीमित नहीं रहना चाहती। सूत्रों का कहना है कि पार्टी की नजर राज्यसभा की एक खाली सीट पर भी है। यह सीट अन्नाद्रमुक के बागी विधायक सीवी षणमुगम के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
इसके अलावा विजय सरकार को समर्थन दे रही अन्य पार्टियां भी सत्ता में हिस्सेदारी चाहती हैं। विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) समेत कुछ सहयोगी दलों को उम्मीद है कि भविष्य में उन्हें भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। हालांकि फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिए गए हैं।
अन्नाद्रमुक की अंदरूनी राजनीति बना कारण
मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी के पीछे अन्नाद्रमुक की आंतरिक खींचतान को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। पार्टी के कुछ विधायकों ने नेतृत्व के निर्देशों के खिलाफ जाकर विजय सरकार के विश्वास मत का समर्थन किया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने इन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय सरकार इन बागी विधायकों में से कुछ को भविष्य में अहम जिम्मेदारी दे सकती है। हालांकि कानूनी और राजनीतिक संतुलन को देखते हुए इस पर सावधानी से फैसला लिया जा रहा है।
TVK के भीतर भी बढ़ी सक्रियता
कैबिनेट विस्तार को लेकर केवल सहयोगी दल ही नहीं, बल्कि TVK के भीतर भी हलचल तेज है। कई विधायक मंत्री पद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पार्टी नेतृत्व फिलहाल क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संतुलित मंत्रिमंडल तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच यह विस्तार राज्य की सत्ता संरचना को नई दिशा दे सकता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों की भूमिका पर सभी की नजर बनी रहेगी।