राष्ट्रीय

WestBengalElection – एग्जिट पोल के बाद भवानीपुर में बढ़ा सियासी तनाव

WestBengalElection – एग्जिट पोल सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक वाहन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थकों ने रोक लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने वाहन को घेरकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि गाड़ी में कुछ संदिग्ध सामग्री लाई गई है। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी आधिकारिक शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है।

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भवानीपुर में देर रात हुआ टकराव

घटना उस समय हुई जब टीएमसी से जुड़ा एक वाहन भवानीपुर इलाके में पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाजपा समर्थकों की भीड़ ने वाहन को रोककर सवाल उठाए और उसे आगे बढ़ने नहीं दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने जोर देकर कहा कि गाड़ी की जांच होनी चाहिए। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में भीड़ को नारे लगाते और वाहन को घेरे हुए देखा जा सकता है। पुलिस या चुनाव आयोग की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

स्ट्रॉन्ग रूम के दौरे पर थीं मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उसी दिन दक्षिण कोलकाता स्थित सखावत मेमोरियल स्कूल में बने मतगणना केंद्र का दौरा कर चुकी थीं। यह केंद्र भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए निर्धारित है, जहां ईवीएम मशीनें सुरक्षित रखी गई हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने वहां करीब चार घंटे बिताए और मतगणना प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंता भी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।

ईवीएम को लेकर उठे सवाल

इसी दौरान उत्तर कोलकाता की कुछ सीटों से टीएमसी उम्मीदवारों ने भी ईवीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम में रखी मशीनों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है, जिसे लेकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी किया। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से बार-बार यह कहा गया है कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी निगरानी सख्त व्यवस्था के तहत की जा रही है।

रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई उत्सुकता

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। राज्य में कुल मतदान प्रतिशत 92.47 रहा, जो अब तक का सबसे अधिक है। वहीं, भवानीपुर सीट पर करीब 87 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो पिछले चुनावों के मुकाबले काफी ज्यादा है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां लगभग 61 प्रतिशत और उपचुनाव में करीब 57 प्रतिशत मतदान हुआ था।

ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला

भवानीपुर सीट को लंबे समय से ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ माना जाता है। इस बार यहां उनका सीधा मुकाबला भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से है। गौरतलब है कि 2021 के चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराया था, जिससे यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। इस चुनाव में भी दोनों नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है और नतीजे राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

भवानीपुर का सामाजिक समीकरण

भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र को उसकी विविध आबादी के कारण ‘मिनी इंडिया’ कहा जाता है। यहां बंगाली, गुजराती, मारवाड़ी, जैन, सिख, मुस्लिम और बिहार-झारखंड से आए प्रवासी समुदायों का मिश्रण देखने को मिलता है। यही विविधता इस सीट को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है, जहां हर वर्ग के मतदाताओं का रुझान निर्णायक भूमिका निभाता है।

नतीजों से पहले बढ़ा राजनीतिक दांव

एग्जिट पोल के बाद सामने आए इस तरह के घटनाक्रमों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। जहां एक ओर टीएमसी अपने गढ़ को बचाने की कोशिश में जुटी है, वहीं भाजपा इस सीट पर जीत हासिल कर बड़ा संदेश देना चाहती है। अब सभी की नजरें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि जनता ने किसे अपना समर्थन दिया है।

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