Chinese Manja – मेरठ रेंज में अवैध कारोबार पर पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी…
Chinese Manja – प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ मेरठ रेंज पुलिस ने बीते दो वर्षों में व्यापक अभियान चलाते हुए अवैध कारोबार पर लगातार कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न जिलों में कुल 40 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 56 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मांझा भी बरामद किया गया। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

निर्माण, बिक्री और उपयोग पर है प्रतिबंध
मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने अभियान की समीक्षा के दौरान बताया कि चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद कुछ लोग अवैध रूप से इसका कारोबार कर रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ जिले में सबसे ज्यादा मामले दर्ज
पुलिस के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक कार्रवाई मेरठ जिले में की गई है। यहां 37 मुकदमे दर्ज किए गए और 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं हापुड़ जिले में तीन मामलों में पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए प्रतिबंधित मांझे को नियमानुसार जब्त किया गया है और संबंधित मामलों की जांच जारी है।
अन्य जिलों को भी दिए गए सख्त निर्देश
अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान डीआईजी ने बुलंदशहर और बागपत पुलिस को भी कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या भंडारण की सूचना मिले, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने और नियमित जांच अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चाइनीज मांझा केवल प्रतिबंधित वस्तु ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और पक्षियों को चोट लगने की कई घटनाएं सामने आती रही हैं। इसी कारण प्रशासन इस पर पूरी सख्ती बरत रहा है और लोगों से भी अपील कर रहा है कि वे ऐसे मांझे की खरीद या उपयोग से बचें तथा कहीं भी इसकी बिक्री की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
पुलिस का कहना है कि जनजागरूकता और लगातार कानूनी कार्रवाई के माध्यम से इस अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।