Crime – अयोध्या में सामने आया दूसरी नाबालिग से दुष्कर्म का मामला
Crime – अयोध्या जिले में नाबालिग बच्चियों से जुड़े गंभीर अपराधों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पूराकलंदर थाना क्षेत्र में सामने आए सामूहिक दुष्कर्म मामले के बाद अब एक और बच्ची के साथ इसी तरह की वारदात का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में आरोपी वही हैं जिन्हें पहले मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। दूसरी घटना की जानकारी तब सामने आई जब आरोपियों की तस्वीरें सार्वजनिक हुईं और पीड़िता ने उन्हें पहचान लिया।

कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले परिवार ने पुलिस को बताया कि उनकी 11 वर्षीय बेटी 28 अप्रैल को एक प्रीतिभोज कार्यक्रम में गई थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब वह घर लौट रही थी, तभी स्कूटी सवार दो युवकों ने कथित तौर पर उसे जबरन अपने साथ ले जाकर सुनसान स्थान पर दुष्कर्म किया। बच्ची डर की वजह से लंबे समय तक चुप रही।
तस्वीरें देखकर परिवार को हुई जानकारी
परिजनों के अनुसार, नौ मई को पहले मामले में गिरफ्तार आरोपियों की तस्वीरें मोबाइल पर देखने के दौरान बच्ची ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद उसने रोते हुए अपने साथ हुई घटना परिवार को बताई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने अटरावां गांव निवासी शेरू गौतम और मुकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इससे पहले भी इन्हीं दोनों पर एक अन्य नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा था। पुलिस दोनों आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों में से एक पहले भी दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है।
जांच में सामने आ रही समानता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों घटनाओं का तरीका काफी हद तक एक जैसा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी वैवाहिक कार्यक्रमों में पहुंचकर बच्चियों को निशाना बनाते थे। इसके बाद उन्हें जबरन वाहन पर बैठाकर सुनसान जगह ले जाया जाता था।
सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि दोनों मामलों में आरोपी समान हैं और अब अन्य संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जानकारियों को भी खंगाल रही है ताकि मजबूत चार्जशीट तैयार की जा सके।
बाल कल्याण समिति ने बढ़ाई मदद
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति भी सक्रिय हो गई है। दोनों पीड़ित बच्चियों के लिए सहायक व्यक्तियों की नियुक्ति की गई है, जो कानूनी प्रक्रिया और सरकारी सहायता योजनाओं में परिवारों की मदद करेंगे।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी ने बताया कि पीड़िताओं को न्यायालय संबंधी प्रक्रिया, मुआवजा और मानसिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही संबंधित सहायता कोष से आर्थिक मदद दिलाने के लिए भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।