Encounter – अयोध्या में एसटीएफ मुठभेड़ में ढेर हुआ दो लाख का इनामी अपराधी
Encounter – उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में हुई एक पुलिस मुठभेड़ में पूर्वांचल क्षेत्र से जुड़े एक वांछित अपराधी की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मारा गया आरोपी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू था, जिस पर विभिन्न जिलों में कुल दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कार्रवाई प्रयागराज एसटीएफ की टीम द्वारा की गई।

मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के कुछ जवान भी घायल हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
खुफिया सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, एसटीएफ को आरोपी की गतिविधियों के संबंध में विशेष सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में संदिग्ध की तलाश शुरू की और संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी।
सूचना के आधार पर अहमदपुर घाट तिराहे के पास घेराबंदी की गई। इसी दौरान आरोपी पुलिस टीम के संपर्क में आया और कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ।
पुलिस पर फायरिंग का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, जब पुलिस ने संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया तो उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ के दौरान आरोपी घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की आगे की जांच नियमानुसार की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारी और जवान भी हुए घायल
मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ प्रयागराज इकाई के प्रभारी जेपी राय और एक अन्य पुलिसकर्मी को भी गोली लगने की सूचना है। दोनों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल कर्मियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
कई जिलों में दर्ज थे आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भानु प्रताप सिंह के खिलाफ विभिन्न जिलों में 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। उस पर हत्या, रंगदारी, संगठित अपराध और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, वह लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी में था और कई मामलों में वांछित चल रहा था।
विभिन्न जिलों ने घोषित कर रखा था इनाम
पुलिस के अनुसार, आरोपी पर अलग-अलग जिलों द्वारा इनामी राशि घोषित की गई थी। आजमगढ़ पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा था। इसके अलावा अंबेडकरनगर, गोरखपुर और बस्ती जिलों की पुलिस ने भी उसके खिलाफ पुरस्कार राशि घोषित कर रखी थी।
इन्हीं इनामों को मिलाकर उस पर कुल दो लाख रुपये का इनाम था, जिसके चलते वह प्रदेश के वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
मुठभेड़ के बाद आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी पूरी की है। वरिष्ठ अधिकारी मामले की समीक्षा कर रहे हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।