EncounterNews – बदायूं में पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी आरोपी की मौत, घायल हुए दो पुलिसकर्मी
EncounterNews – उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस और एक इनामी आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये के इनाम वाला वांछित अपराधी मारा गया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपी की ओर से की गई गोलीबारी में एक उपनिरीक्षक और एक सिपाही घायल हो गए। दोनों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना के बाद पुलिस ने मौके से हथियार, मोटरसाइकिल और कुछ आभूषण बरामद करने का दावा किया है। पूरे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

डकैती के मामले में था वांछित
पुलिस के मुताबिक, मृतक आरोपी का नाम जितेंद्र उर्फ ढालू बताया गया है, जिसकी तलाश एक चर्चित डकैती मामले में की जा रही थी। आरोप है कि 19 मई की रात इस्लामनगर क्षेत्र में एक घर में हुई डकैती के दौरान नकदी और आभूषण लूटे गए थे। घटना के समय परिवार के कई सदस्यों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप था। इस मामले में पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी फरार चल रहा था।
सूचना मिलने पर हुई घेराबंदी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि इनामी आरोपी सिविल लाइंस क्षेत्र में प्रस्तावित जेल के पास किसी वारदात की तैयारी में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें चौकी प्रभारी नीरज और सिपाही अविनाश घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में आरोपी भी घायल हुआ, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कई जिलों में दर्ज थे मुकदमे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ बदायूं, संभल, अमरोहा और हापुड़ सहित विभिन्न जिलों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। बरामद सामान की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसका संबंध पूर्व में दर्ज मामलों से है या नहीं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली निगरानी
मुठभेड़ के बाद पूरे घटनाक्रम की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कराया और निर्धारित प्रक्रिया के तहत साक्ष्य एकत्र किए। अधिकारियों की मौजूदगी में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
मीडिया कवरेज के दौरान भी रही हलचल
घटना के बाद मुठभेड़ स्थल और जिला अस्पताल के बाहर मीडिया की मौजूदगी रही। इस दौरान कुछ पत्रकारों ने आरोप लगाया कि कवरेज के दौरान उन्हें वीडियो बनाने से रोका गया और एक पत्रकार का मोबाइल लेने की भी कोशिश हुई। बाद में मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।