Encroachment – रामपुर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान देर रात हटाई गई पुरानी मजार
Encroachment- उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मंगलवार देर रात प्रशासन ने अजीमनगर थाना क्षेत्र में स्थित हजरत बैरम शाह मियां की पुरानी मजार को हटाने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई जौहर बाईपास के विस्तार कार्य के दौरान की गई। प्रशासन ने पूरे अभियान को सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा किया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और कार्रवाई के बाद मलबा भी तत्काल हटा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही।

सड़क विस्तार परियोजना के तहत हुई कार्रवाई
जौहर बाईपास पर स्थित यह मजार स्थानीय स्तर पर “नीम वाली जियारत” के नाम से जानी जाती थी। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क के बीच में स्थित होने के कारण यह ढांचा लंबे समय से प्रस्तावित चौड़ीकरण कार्य में बाधा बन रहा था। इसी वजह से लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद देर रात कार्रवाई की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए
कार्रवाई के दौरान अजीमनगर, भोट, टांडा और मिलकखानम थानों की पुलिस के साथ पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल भी बुलाया गया। आसपास के मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात को अस्थायी रूप से दूसरे रास्तों पर मोड़ दिया गया, ताकि अभियान बिना किसी व्यवधान के पूरा किया जा सके। बुलडोजर और अन्य मशीनों की मदद से ढांचे को हटाने के बाद मलबे को भी तत्काल वाहनों से वहां से हटाया गया।
सुबह लोगों में दिखी नाराजगी
बुधवार सुबह जब स्थानीय लोगों को कार्रवाई की जानकारी मिली तो कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। हालांकि प्रशासन की ओर से पहले से तैनात पुलिस बल ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार, किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई और क्षेत्र में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
प्रशासन ने बताई वैधानिक प्रक्रिया
अजीमनगर थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी थी। उनका कहना है कि स्थानीय गणमान्य लोगों से बातचीत और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद ही यह कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और किसी प्रकार का विरोध दर्ज नहीं किया गया।
मुतवल्ली ने नोटिस मिलने की पुष्टि की
मजार के मुतवल्ली नासिर मियां ने बताया कि यह धार्मिक स्थल करीब 150 वर्ष पुराना माना जाता है और वह पिछले लगभग तीन दशकों से इसकी देखरेख कर रहे थे। उनके अनुसार, जिला प्रशासन ने करीब आठ दिन पहले सामान हटाने के संबंध में नोटिस जारी किया था। उन्होंने कहा कि मजार को बचाने के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए गए, लेकिन अंततः कार्रवाई को रोका नहीं जा सका।
सड़क परियोजना पर आगे बढ़ेगा काम
प्रशासन का कहना है कि ढांचा हटने के बाद जौहर बाईपास के चौड़ीकरण का कार्य अब निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और पूरे मामले में आगे भी स्थिति पर नजर रखी जाएगी।