GSTDepartment – अधिकारियों ने अपर आयुक्त की कार्यशैली पर उठाए सवाल
GSTDepartment – उत्तर प्रदेश के राज्य कर विभाग में कार्यरत अधिकारियों के एक समूह ने गौतम बुद्ध नगर जोन में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी की कार्यशैली को लेकर शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों के विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से पत्र भेजकर विभागीय माहौल और कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त की है। यह पत्र राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और विभागीय नेतृत्व को संबोधित किया गया है।

मामला सामने आने के बाद विभागीय हलकों में चर्चा तेज हो गई है। शिकायत में अधिकारियों ने कार्यस्थल के वातावरण, संवाद शैली और व्यवहार संबंधी कई बिंदुओं का उल्लेख किया है।
अधिकारियों ने जताई कार्यस्थल को लेकर चिंता
संयुक्त पत्र में अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि विभाग के भीतर कार्य का माहौल प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि समीक्षा बैठकों के दौरान अधीनस्थ अधिकारियों के साथ सार्वजनिक रूप से कठोर व्यवहार किया जाता है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है।
पत्र पर बड़ी संख्या में अधिकारियों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विभाग में बेहतर कार्य संस्कृति के लिए सम्मानजनक संवाद और सकारात्मक नेतृत्व आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से देखने का आग्रह किया है।
एक घटना के बाद बढ़ी चर्चा
यह मामला उस समय अधिक चर्चा में आया जब एक अधिकारी से संबंधित घटना का उल्लेख विभागीय शिकायतों में किया गया। अधिकारियों का दावा है कि हाल में हुई एक समीक्षा बैठक के दौरान हुई बातचीत के बाद संबंधित अधिकारी की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें चिकित्सकीय सहायता लेनी पड़ी।
हालांकि इस संबंध में आधिकारिक जांच या निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले के विभिन्न पहलुओं की जानकारी एकत्र की जा रही है।
विभागीय माहौल पर उठाए गए सवाल
शिकायत पत्र में यह भी कहा गया है कि कुछ अधिकारी कार्यस्थल पर तनाव और दबाव महसूस कर रहे हैं। अधिकारियों का आरोप है कि संवाद और सहयोग की बजाय कठोर प्रशासनिक शैली अपनाए जाने से कार्यकुशलता प्रभावित हो सकती है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्वस्थ प्रशासनिक वातावरण किसी भी सरकारी विभाग के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक होता है। अधिकारियों ने मांग की है कि इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाए।
अधिकारी संगठनों ने की जांच की मांग
राज्य कर विभाग से जुड़े विभिन्न अधिकारी संगठनों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई है। संगठनों का कहना है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि तथ्य स्पष्ट हो सकें और आवश्यक होने पर उचित कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के साथ अपमानजनक व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। संगठन चाहते हैं कि विभाग में पारदर्शी और सम्मानजनक कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिले।
शासन स्तर पर कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारी की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं शासन स्तर पर भेजे गए पत्र के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि विभाग और सरकार इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।
प्रशासनिक मामलों के जानकारों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों को सुनना महत्वपूर्ण होता है। इससे न केवल तथ्य सामने आते हैं बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार की संभावनाएं भी बनती हैं।