Purvanchal Expressway Accident: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर ट्रक में घुसी तेज रफ्तार कार, 3 मौतों से फैला मातम वाला माहौल
Purvanchal Expressway Accident: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सोमवार की सुबह एक ऐसी दर्दनाक त्रासदी लेकर आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 8:20 बजे, जब आसमान घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ था, सुल्तानपुर के दरपीपुर के पास एक भीषण सड़क हादसा (Road Safety Hazard) हुआ। लखनऊ से आजमगढ़ की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और लोहे के मलबे के बीच से चीखें भी बाहर नहीं आ सकीं।

तीन जिंदगियां कोहरे की भेंट चढ़ीं
इस दिल दहला देने वाले हादसे (Purvanchal Expressway Accident) में कार सवार तीन लोगों की मौके पर या अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मृतकों की पहचान चालक सिकंदर (27), शंभूलाल (55) और सुरेंद्र (30) के रूप में हुई है। ये सभी (Azamgarh Residents) बताए जा रहे हैं। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम थी और तेज रफ्तार के कारण चालक खड़े ट्रक का अंदाजा नहीं लगा सका। देखते ही देखते तीन परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए।
घायलों की चीख-पुकार से दहला एक्सप्रेस-वे
हादसे के वक्त कार में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 10 लोग सवार थे। दुर्घटना में सुरेंद्र की पत्नी खुशबू, उनकी 6 वर्षीय मासूम पुत्री सनाया, और शंभूलाल के परिवार के पांच सदस्य जिनमें पत्नी मीना देवी और बच्चे कोहिनूर, उजाला, रोशनी व अंश शामिल हैं, (Critical Injuries) का शिकार हो गए। मौके पर पहुंची यूपीडा की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला। घायलों की हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
यूपीडा और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की जानकारी मिलते ही यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी त्रिलोकी नाथ पांडेय और राम जगत तिवारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि (Rescue Operation) के दौरान कार को ट्रक के नीचे से निकालने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा। पुलिस ने मौके पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर बताया कि कार की रफ्तार बहुत अधिक थी, जिसे कोहरे के बीच नियंत्रित करना नामुमकिन हो गया था। जयसिंहपुर कोतवाली पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लापरवाही और कुदरत की मार का संगम
यूपीडा अधिकारियों की शुरुआती जांच में कार चालक की लापरवाही को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि (Foggy Weather Drive) के दौरान गति सीमा का पालन करना अनिवार्य है, लेकिन अक्सर लोग समय बचाने के चक्कर में जान जोखिम में डाल देते हैं। क्षतिग्रस्त कार को रिकवरी वैन से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है ताकि एक्सप्रेस-वे पर यातायात बाधित न हो। पुलिस अब ट्रक ड्राइवर की भूमिका की भी जांच कर रही है कि क्या उसने ट्रक को सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया था या नहीं।
इलाज के लिए अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में मची अफरा-तफरी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोस्तपुर में प्राथमिक उपचार के बाद सभी सात घायलों को अंबेडकरनगर जिला अस्पताल भेजा गया है। वहां डॉक्टरों की टीम घायलों की (Medical Emergency) स्थिति पर नजर रखे हुए है। घायलों में बच्चे और महिलाएं शामिल होने के कारण स्थिति और भी संवेदनशील बनी हुई है। आजमगढ़ में रहने वाले मृतकों के परिजनों को जैसे ही इस अनहोनी की खबर मिली, घरों में कोहराम मच गया और वे अस्पताल की ओर रवाना हो गए।
सर्दी के मौसम में एक्सप्रेस-वे पर बढ़ता खतरा
दिसंबर की कड़कड़ाती ठंड और कोहरे ने उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेस-वे पर सफर को खतरनाक बना दिया है। दरपीपुर के पास हुई यह (Expressway Collision) उन सभी यात्रियों के लिए चेतावनी है जो खराब मौसम में भी रफ्तार का मोह नहीं छोड़ते। प्रशासन ने बार-बार अपील की है कि एक्सप्रेस-वे पर खड़े ट्रक या अन्य वाहनों से बचने के लिए इंडिकेटर्स और फॉग लाइट्स का उचित प्रयोग करें। पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
यह भीषण सड़क हादसा एक बार फिर सुरक्षा मानकों की याद दिलाता है। (Accident Investigation) के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि असल गलती किसकी थी, लेकिन तब तक तीन कीमती जानें जा चुकी हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बढ़ती दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं, खासकर सर्दियों के इन महीनों में। फिलहाल, पूरा आजमगढ़ इन मृतकों के शोक में डूबा हुआ है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।