उत्तर प्रदेश

YusufPathan – टीएमसी में बढ़ी अंदरूनी कलह, सांसदों के आरोपों से गरमाई सियासत

YusufPathan – तृणमूल कांग्रेस से सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान इन दिनों अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर हैं। पार्टी के भीतर उभरे मतभेदों के बीच उनके खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में टीएमसी से अलग रुख अपनाने वाले यूसुफ पठान को लेकर पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया पर कई दावे किए हैं, जिनकी राजनीतिक गलियारों में व्यापक चर्चा हो रही है।

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लोकसभा चुनाव 2024 में बहरामपुर सीट से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे यूसुफ पठान ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हराया था। अब उनके राजनीतिक रुख में आए बदलाव ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर नई बहस छेड़ दी है।

संसद की एक पुरानी घटना का किया जिक्र

श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए संसद के पिछले शीतकालीन सत्र से जुड़ा एक प्रसंग सामने रखा। उनके अनुसार, विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जब कई सांसद सदन के बीच जाकर अपनी बात रख रहे थे, तब यूसुफ पठान अचानक पीछे हट गए थे।

मेहदी ने दावा किया कि उस दौरान एक वरिष्ठ मुस्लिम सांसद ने यूसुफ पठान को विरोध प्रदर्शन से दूर रहने की सलाह दी थी। उनके अनुसार, बातचीत के बाद पठान अपनी सीट पर लौट आए और काफी असहज दिखाई दे रहे थे। मेहदी ने लिखा कि बाद में हुई चर्चा में यूसुफ ने बताया था कि उन्हें सत्ता पक्ष के खिलाफ खुलकर विरोध करने से बचने की चेतावनी दी गई थी।

महुआ मोइत्रा ने नाम लेकर किया दावा

आगा मेहदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने उस सांसद का नाम सार्वजनिक रूप से लिया, जिसका उल्लेख पोस्ट में किया गया था। महुआ ने दावा किया कि वह सांसद असदुद्दीन ओवैसी थे। हालांकि इस संबंध में कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

महुआ मोइत्रा ने यूसुफ पठान के हालिया राजनीतिक फैसलों पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखे अपने संदेश में पठान के रवैये पर निराशा जताई और कहा कि पार्टी ने हमेशा उनका समर्थन किया, लेकिन बाद की घटनाओं ने उन्हें निराश किया है।

बुलडोजर टिप्पणी को लेकर चर्चा

सोशल मीडिया पर सामने आए दावों में यह भी कहा गया कि यूसुफ पठान को गुजरात में संभावित प्रशासनिक कार्रवाई का डर दिखाया गया था। इसी संदर्भ में “बुलडोजर” शब्द का उल्लेख किया गया, जिसने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।

यूसुफ पठान गुजरात के वडोदरा से आते हैं। बीते कुछ समय में उनके नाम से जुड़े एक भूमि विवाद का मामला भी चर्चा में रहा है। इसी वजह से राजनीतिक विश्लेषकों के बीच अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बागी सांसदों के फैसले से बढ़ी चुनौती

तृणमूल कांग्रेस के लिए स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब पार्टी से अलग हुए कुछ सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल होने की घोषणा कर दी। इसके बाद उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने इस कदम का विरोध किया है। पार्टी की ओर से लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया गया है कि अलग हुए समूह को किसी प्रकार की आधिकारिक मान्यता न दी जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन अपने राजनीतिक और कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

महुआ मोइत्रा और आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी द्वारा किए गए दावों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन अब तक यूसुफ पठान और असदुद्दीन ओवैसी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बयान इस विवाद की दिशा तय कर सकते हैं।

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