CashCounter – हरिद्वार में नकली नोट गिरोह पर कसा शिकंजा, भीड़भाड़ वाले बाजार थे निशाने पर…
CashFlow – हरिद्वार में हाल के दिनों में सामने आए नकली नोटों के मामलों ने पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपियों की नजर शहर की भीड़भाड़, धार्मिक गतिविधियों और छोटे कारोबारियों पर थी, जहां अधिक संख्या में होने वाले नकद लेनदेन का फायदा उठाकर नकली नोट खपाने की योजना बनाई गई थी।

एक सप्ताह में तीन मामलों का खुलासा
पिछले सात दिनों के दौरान हरिद्वार जिले में नकली नोटों से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ है। इनमें दो मामले श्यामपुर थाना क्षेत्र से और एक शहर कोतवाली क्षेत्र से जुड़े हैं। पुलिस ने इन तीनों मामलों में कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लगभग 1.85 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन मामलों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपियों का उद्देश्य धार्मिक नगरी हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ का फायदा उठाकर नकली नोटों को बाजार में चलाना था। अधिकारियों का कहना है कि छोटे दुकानदारों और रोजमर्रा के नकद लेनदेन वाले स्थानों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा था, क्योंकि वहां नकली नोटों की पहचान तुरंत हो पाना अपेक्षाकृत कठिन होता है।
जिले के बाहर तक जुड़े मिले तार
जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों मामलों का संबंध हरिद्वार से बाहर के क्षेत्रों से भी जुड़ा हुआ है। श्यामपुर क्षेत्र में पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने प्रिंटर और अन्य उपकरणों की मदद से खुद नकली नोट तैयार किए थे। वहीं शहर कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास मिले नकली नोट पंजाब से लाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस आपूर्ति श्रृंखला की विस्तृत जांच कर रही है।
कांवड़ यात्रा और पर्यटन सीजन पर विशेष नजर
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कांवड़ यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। इसी वजह से ऐसे गिरोह इस अवधि को अपने लिए अनुकूल मानते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब विभिन्न राज्यों से जुड़े संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बिल्केश्वर तिराहे के पास चार आरोपी गिरफ्तार
सोमवार तड़के शहर कोतवाली पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मेला अस्पताल की ओर से आते चार युवक पुलिस को देखकर वापस मुड़कर भागने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने उनका पीछा किया और टिबड़ी तिराहे के पास उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान चारों के पास से 500 रुपये के कुल 169 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 84,500 रुपये बताई गई।
पूछताछ में खरीद का तरीका आया सामने
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पंजाब के गुरदासपुर में एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये देकर 500 रुपये मूल्य के 200 नकली नोट खरीदे थे। उनका इरादा कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ने वाली भीड़ के बीच इन नोटों को बाजार में चलाने का था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ नकली नोट पहले ही विभिन्न स्थानों पर खर्च किए जा चुके थे।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने आरोपियों के पास से मिले नकली नोटों को जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। साथ ही उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब जांच का मुख्य फोकस उन लोगों तक पहुंचना है जिन्होंने आरोपियों को नकली नोट उपलब्ध कराए और यह पता लगाना है कि इस गिरोह के संबंध किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।