HighwayExpansion – यमुनोत्री मार्ग चौड़ीकरण को मिली अंतिम मंजूरी, बढ़ेगी सुविधा
HighwayExpansion – उत्तराखंड में चारधाम यात्रा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यमुनोत्री धाम तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए हरबर्टपुर-बड़कोट राष्ट्रीय राजमार्ग के एक अहम हिस्से को डबल लेन में विकसित करने की प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कालसी से आगे प्रस्तावित चौड़ीकरण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण को स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को गति मिलने की उम्मीद है।

इस निर्णय के बाद क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ-साथ यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना को चारधाम यात्रा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यमुनोत्री जाने वाले हजारों श्रद्धालु हर वर्ष इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
पहले चरण में 29 किलोमीटर मार्ग का होगा विस्तार
परियोजना के तहत कालसी क्षेत्र से आगे राष्ट्रीय राजमार्ग के लगभग 29 किलोमीटर हिस्से को दो लेन में विकसित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सड़क के 11वें किलोमीटर से लेकर 40वें किलोमीटर तक का भाग पहले चरण में शामिल किया गया है। इसके लिए कुल 6.473 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद चिन्हित भूमि अब परियोजना के लिए उपलब्ध हो गई है। अधिग्रहित क्षेत्र में निजी कृषि भूमि के अलावा वन पंचायतों की जमीन, वन क्षेत्र, नाले, बंजर भूमि और पंचायत की संपत्तियां भी शामिल हैं। इससे निर्माण कार्य के लिए आवश्यक भूमि संबंधी बाधाएं काफी हद तक समाप्त हो गई हैं।
चारधाम यात्रा को मिलेगा सीधा फायदा
राजमार्ग के चौड़ीकरण से यमुनोत्री धाम तक पहुंच अधिक सुरक्षित और सुगम होने की संभावना है। वर्तमान में कई हिस्सों में सड़क संकरी होने के कारण यातायात प्रभावित होता है, विशेषकर यात्रा सीजन के दौरान। सड़क के विस्तार से वाहनों की आवाजाही आसान होगी और यात्रा समय में भी कमी आ सकती है।
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि बेहतर सड़क सुविधा से तीर्थयात्रियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जल विद्युत परियोजना को भी मिलेगा सहयोग
इस सड़क परियोजना का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। लखवाड़-व्यासी जल विद्युत परियोजना के निर्माण कार्य में भी इससे सहायता मिलेगी। वर्तमान में भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री को परियोजना स्थल तक पहुंचाने में सड़क की सीमित चौड़ाई बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
सड़क के विस्तृत होने के बाद बड़े वाहनों की आवाजाही आसान होगी, जिससे निर्माण गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर परिवहन व्यवस्था से परियोजना की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
रिकवरी जोन और सुरक्षा सुविधाओं पर जोर
नई डबल लेन सड़क के साथ दोनों ओर पक्के शोल्डर भी बनाए जाएंगे। इन्हें रिकवरी जोन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां जरूरत पड़ने पर वाहन सुरक्षित रूप से रोके जा सकेंगे। आपातकालीन परिस्थितियों में यह व्यवस्था यात्रियों और चालकों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करेगी।
सड़क सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए परियोजना में आधुनिक सुविधाओं को भी शामिल किए जाने की योजना है, जिससे पहाड़ी मार्गों पर यात्रा अधिक सुरक्षित बन सके।
कई क्षेत्रों की भूमि परियोजना में शामिल
सड़क विस्तार के लिए विकासनगर और कालसी क्षेत्र के कई गांवों और इलाकों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इनमें लखवाड़, डिंडाल, बिहार, धनपौ, लोहारी, चुन्हौ, डूमेट, कटापत्थर, बिनहार और एनफील्ड टी एस्टेट क्षेत्र शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की गई हैं और अब परियोजना के अगले चरणों पर तेजी से काम आगे बढ़ाया जाएगा।