उत्तराखण्ड

LawAndOrder – बैरागीवाला हिंसा के बाद गांव में तनाव, तेज हुई जांच

LawAndOrder – बैरागीवाला गांव में हुई हिंसक घटना के कई दिन बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। भाजपा नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और गांव में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, घटना के बाद हुई तोड़फोड़ और उपद्रव को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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गांव में सुरक्षा बलों की तैनाती जारी

घटना के बाद बैरागीवाला का माहौल पूरी तरह बदल गया है। गांव की अधिकांश दुकानें बंद रहीं और कई घरों के दरवाजे भी दिनभर बंद दिखाई दिए। इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य गतिविधियां अभी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी हैं। प्रशासन का मानना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिलहाल अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

हत्या के बाद भड़की थी हिंसा

जानकारी के अनुसार, 13 जून की शाम सिंचाई को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक टकराव में बदल गया था। इस दौरान भाजपा नेता विनोद कश्यप पर हमला हुआ, जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और कई स्थानों पर हंगामा तथा तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यापक जांच शुरू कर दी है।

150 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हिंसा और उपद्रव से जुड़े मामले में लगभग 150 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली पुलिस की ओर से दर्ज रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

गिरफ्तारी का आंकड़ा बढ़ा

जांच के दौरान पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान इम्तियाज के रूप में हुई है, जो सहसपुर क्षेत्र का निवासी बताया गया है। पुलिस अन्य नामजद और संदिग्ध लोगों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

अंतिम संस्कार के लिए हुई लंबी बातचीत

घटना के बाद मृतक के परिजनों और प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत हुई। अधिकारियों ने परिवार को समझाने का प्रयास किया और अंततः परिजन अंतिम संस्कार के लिए सहमत हुए। इसके बाद शाम के समय विनोद कश्यप का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। इस दौरान भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।

प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल

दूसरी ओर, मुस्लिम सेवा संगठन ने प्रशासन की कुछ कार्रवाइयों पर सवाल उठाए हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका आरोप है कि हिंसा के बाद हुई कार्रवाई में कुछ ऐसे लोगों को भी नुकसान पहुंचा, जिनका घटना से कोई संबंध नहीं था। संगठन ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग भी की है।

पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज गैरोला ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने, अफवाह फैलाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करना और सभी पक्षों को न्याय दिलाना है।

गांव में फिर से भरोसा कायम करने की कोशिश

ग्राम प्रधान सहित कई स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना बेहद दुखद रही है, लेकिन अब गांव के लोग शांति और आपसी सौहार्द बहाल करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। उनका मानना है कि बाहरी तत्वों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। गांव के दोनों समुदायों के कई लोग मिलकर तनाव कम करने और सामान्य जीवन लौटाने की कोशिश कर रहे हैं।

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